‘लक्ष्मी निवास’ के बाद मानसी श्रीवास्तव की अद्भुत आदत, जानें क्या है यह खास
सारांश
Key Takeaways
- मानसी श्रीवास्तव ने अपने किरदार रेवती की आदत को अपनाया।
- रेवती की बड़बड़ाने की आदत ने दर्शकों को जोड़ा।
- अच्छा अभिनय कभी-कभी कलाकार की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है।
- यह धारावाहिक मध्यमवर्गीय परिवार की खुशियों को दर्शाता है।
- अभिनय में ईमानदारी और सच्चाई जरूरी है।
मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टीवी धारावाहिक ‘लक्ष्मी निवास’ में रेवती की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री मानसी श्रीवास्तव ने अपने किरदार की एक विशेष आदत को अपनी असल जिंदगी में भी अपना लिया है। रेवती की खुद से लगातार बड़बड़ाने की आदत अब मानसी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गई है। अभिनेत्री का मानना है कि जब कोई आदत दिल से जुड़ जाती है, तो वह स्क्रीन पर भी बहुत सच्ची लगती है।
रेवती ‘लक्ष्मी निवास’ में एक साधारण, ऊर्जा से भरी और परिवार की देखभाल करने वाली महिला है। वह दिनभर काम करते हुए खुद से बड़बड़ाती रहती है। शो के किरदार 'दादी जी' ने इसी आदत के कारण उसे प्यार से ‘गुनगुनाती गौरी’ का उपनाम भी दे रखा है। इस छोटी सी आदत ने रेवती के किरदार को दर्शकों के दिलों में खास बना दिया है।
मानसी ने जी टीवी पर प्रसारित हो रहे शो के किरदारों के बारे में बताया कि हर किरदार इतना सच्चा और रिलेटेबल है कि दर्शक खुद को उससे जोड़ लेते हैं। उनका मानना है कि अच्छा अभिनय केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कभी-कभी किरदार कलाकार की ज़िंदगी का भी हिस्सा बन जाता है।
मानसी श्रीवास्तव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, “रेवती बहुत साधारण, प्यारी और देखभाल करने वाली महिला है। मुझे उसके किरदार से तुरंत जुड़ाव महसूस हुआ, क्योंकि असल जिंदगी में भी मुझे लोगों की देखभाल करना बहुत पसंद है।”
उन्होंने कहा, “रेवती की सबसे खास आदत है कि वह दिनभर काम करते हुए खुद से बड़बड़ाती रहती है। जब मैं इस रोल की तैयारी कर रही थी, तो अनजाने में ही यह आदत मुझे भी लग गई। अब असल जिंदगी में भी मैं अक्सर खुद से बड़बड़ाने लगती हूं। यह मेरे ध्यान दिए बिना स्वाभाविक रूप से हो गया। मुझे लगता है कि जब कोई आदत दिल से जुड़ जाती है, तो वह स्क्रीन पर भी बहुत ईमानदार और सच्ची लगती है।”
‘लक्ष्मी निवास’ मध्यमवर्गीय परिवार की छोटी-छोटी खुशियों, रिश्तों और भावनाओं को बड़े प्यार से दर्शाता है। मानसी ने बताया कि रेवती अपनी दुनिया, अपने घर और अपने परिवार से गहराई से जुड़ी हुई है और मैंने रेवती की सादगी, सहजता और बोलने के तरीके को स्क्रीन पर जीवंत बनाने की पूरी कोशिश की है।