मोदी के 25 साल: श्रेया सरन बोलीं 'परिवार उनका भक्त', मुकेश खन्ना ने कहा 'कोई विकल्प नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर 7 अक्टूबर 2026 को देशभर में चर्चा का माहौल है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से शुरू हुआ यह सफर आज प्रधानमंत्री पद तक पहुँच चुका है। इस अवसर पर अभिनेत्री श्रेया सरन और वरिष्ठ अभिनेता मुकेश खन्ना सहित कई हस्तियों ने अपनी भावनाएँ साझा कीं।
श्रेया सरन की प्रतिक्रिया
अभिनेत्री श्रेया सरन ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने परिवार के गहरे लगाव का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'मेरी पूरी फैमिली उनकी भक्त है। मेरा पूरा परिवार प्रधानमंत्री मोदी को काफी प्यार करता है।' सरन ने आगे जोड़ा, 'बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने देश के लिए जो काम किए हैं, उन पर हमें गर्व है। हमें उम्मीद है कि वे आगे भी देश के विकास के लिए इसी तरह काम करते रहेंगे।'
मुकेश खन्ना की यादें: भुज भूकंप से जुड़ा किस्सा
वरिष्ठ अभिनेता मुकेश खन्ना ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने पुराने संबंध का स्मरण किया। उन्होंने बताया, 'मैं उन्हें उस समय से जानता हूँ, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री भी नहीं बने थे। उन्होंने भुज में आए भूकंप के समय मुझे बुलाया था और मैं शक्तिमान के कॉस्ट्यूम में वहाँ पहुँचा था। मैंने वहाँ बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उनसे कहा था कि डरना नहीं है।' गौरतलब है कि भुज भूकंप जनवरी 2001 में आया था — उस समय नरेंद्र मोदी अभी मुख्यमंत्री नहीं बने थे।
खन्ना ने आगे कहा, 'उस मुलाकात के करीब आठ-नौ महीने बाद नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने। तभी से मैं उन्हें जानता हूँ और उनके प्रधानमंत्री के सफर को मैंने देखा है।'
मुकेश खन्ना का दावा: 'कोई विकल्प नहीं'
मुकेश खन्ना ने अपने विचार स्पष्ट शब्दों में रखते हुए कहा, 'देश के लिए उन्होंने जो कुछ सोचा है, वैसा कोई और नहीं सोच सकता। मुझे प्रधानमंत्री मोदी का कोई विकल्प नज़र नहीं आता।' विपक्षी दलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, 'जो लोग प्रधानमंत्री के विकल्प की बात करते हैं, उन्हें कोई ऐसा नेता सामने लाना चाहिए, लेकिन मेरे मुताबिक ऐसा कोई नेता मौजूद नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देश के लिए अभी काफी काम करना बाकी है।'
मनोज मुंतशिर ने गिनाई तीन बड़ी उपलब्धियाँ
गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का तीसरा कार्यकाल जारी है और उनका पूरा कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कोई एक-दो नहीं, बल्कि तमाम उपलब्धियाँ हैं। उन उपलब्धियों में से अगर मुझे कुछ चुननी हों, तो मैं तीन उपलब्धियाँ चुनूंगा — पहली तीन तलाक खत्म करना, दूसरी अनुच्छेद 370 हटाना और तीसरी राम मंदिर का निर्माण करना।'
यह ऐसे समय में आया है जब 7 अक्टूबर 2026 को मोदी की सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की अविरल यात्रा का स्मरण देश के विभिन्न वर्गों में हो रहा है — राजनेताओं से लेकर फ़िल्म जगत तक। इस अनुराग की प्रामाणिकता और इसके राजनीतिक निहितार्थों को लेकर विश्लेषक अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं।