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क्या नॉर्थ इंडिया का अपना अलग फ्लेवर है? पुलकित सम्राट ने बताया!

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क्या नॉर्थ इंडिया का अपना अलग फ्लेवर है? पुलकित सम्राट ने बताया!

सारांश

बॉलीवुड अभिनेता पुलकित सम्राट का नॉर्थ इंडिया के प्रति प्रेम एक बार फिर उजागर होने जा रहा है, जब उनकी नई फिल्म 'राहु केतु' 16 जनवरी को रिलीज होगी। इस फिल्म में नॉर्थ इंडिया के सांस्कृतिक रंग और स्थानीय विशेषताओं को बखूबी दर्शाया गया है।

मुख्य बातें

नॉर्थ इंडिया की संस्कृति और खूबसूरती को बड़े पर्दे पर पेश किया जा रहा है।
पुलकित सम्राट ने फिल्म के लोकेशन्स के महत्व को बताया।
फिल्म 'राहु केतु' में दर्शकों को नए अनुभव मिलेंगे।
नॉर्थ इंडिया के लोग अपनी पहचान और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं।

मुंबई, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड अभिनेता पुलकित सम्राट का नॉर्थ इंडिया के प्रति प्रेम एक बार फिर स्क्रीन पर नजर आने वाला है। उनकी फिल्म 'राहु केतु' 16 जनवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस सिलसिले में फिल्म की टीम प्रमोशन में व्यस्त है।

एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान पुलकित ने फिल्म के लोकेशन्स के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केवल कहानी ही नहीं, बल्कि सेट और उसका स्थान भी दर्शकों को कहानी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अपनी सफल फिल्म 'फुकरे' का उदाहरण दिया, जो दिल्ली की गलियों और कॉलेज की जिंदगी से संबंधित है।

पुलकित ने कहा, 'फुकरे' ने दर्शकों को न केवल हंसाया, बल्कि उन्हें दिल्ली की असली जिंदगी का अनुभव भी कराया। अब नई फिल्म 'राहु केतु' शिमला और दिल्ली के खूबसूरत बैकड्रॉप पर आधारित है। जब कहानी ऐसी जगहों पर घटित होती है, जहां की संस्कृति और माहौल पूरी तरह से जीवंत हैं, तो वह दर्शकों के लिए और भी आकर्षक हो जाती है।

पुलकित ने कहा, 'नॉर्थ इंडिया' का अपना अलग ही फ्लेवर है, यहां के लोग, पहाड़, गलियां और रोजमर्रा की जिंदगी कहीं और देखने को नहीं मिलती।

पुलकित ने कहा, 'पिछले कुछ सालों में फिल्ममेकर्स ने नॉर्थ इंडिया के सांस्कृतिक रंग और स्थानीय विशेषताओं को बड़े पर्दे पर पेश करना शुरू किया है।' दिबाकर बनर्जी और अमृत शर्मा जैसे निर्देशक इस क्षेत्र की गहराई और विविधताओं को अच्छी तरह समझते हैं। उनकी कहानियां इतनी जीवंत लगती हैं कि दर्शक सीधे उस स्थान के माहौल में खो जाते हैं। यह बदलाव हिंदी सिनेमा के लिए अत्यंत ताजगी भरा है।

उन्होंने कहा, 'मुंबई की फिल्मों से हम लंबे समय तक परिचित रहे हैं, लेकिन अब दिल्ली और शिमला जैसे शहरों की कहानियों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है।'

पुलकित ने आगे नॉर्थ इंडिया के लोगों की अपनीपन और ईमानदारी की सराहना की और कहा, 'यहां के लोग अलग और दिलकश होते हैं।' हर जगह का अपना एक अनोखा रंग होता है। जब दर्शक 'राहु केतु' जैसी फिल्मों को देखते हैं, तो केवल कहानी नहीं देखते, बल्कि वहां की हवा, गलियों की खुशबू और लोगों की ऊर्जा को भी महसूस करते हैं। यही वजह है कि मैं खुद को उन कहानियों का हिस्सा महसूस करता हूं।'

फिल्म के लोकेशन और बैकड्रॉप के महत्व पर पुलकित ने कहा, 'सही जगह कहानी को जीवित बनाती है।' उदाहरण के लिए, 'फुकरे' में दिल्ली की कॉलेज जीवन और गलियों का माहौल कहानी में जान डालता है। 'राहु केतु' में शिमला के पहाड़ और दिल्ली की गलियां फिल्म को और भी खास बनाती हैं। यह सब देखकर दर्शक न केवल कहानी में खो जाएंगे, बल्कि उस जगह की संस्कृति और जीवनशैली को भी समझेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें नॉर्थ इंडिया की सांस्कृतिक विविधताओं से भी अवगत कराती हैं। यह हिंदी सिनेमा के लिए एक सकारात्मक बदलाव है, जो दर्शकों को नए अनुभव प्रदान करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलकित सम्राट की नई फिल्म 'राहु केतु' कब रिलीज होगी?
फिल्म 'राहु केतु' 16 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म में कौन से लोकेशन्स शामिल हैं?
'राहु केतु' फिल्म में शिमला और दिल्ली के खूबसूरत बैकड्रॉप को दिखाया गया है।
पुलकित ने नॉर्थ इंडिया की किस बात की सराहना की?
पुलकित ने नॉर्थ इंडिया के लोगों की ईमानदारी और उनके अनोखे रंग की तारीफ की।
राष्ट्र प्रेस
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