बॉब क्रिस्टो और अमिताभ बच्चन की फाइट सीन: जब थिएटर गूंज उठा तालियों से

Click to start listening
बॉब क्रिस्टो और अमिताभ बच्चन की फाइट सीन: जब थिएटर गूंज उठा तालियों से

सारांश

बॉब क्रिस्टो, एक विदेशी विलेन, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई, अमिताभ बच्चन के साथ अपने यादगार फाइट सीन के लिए जाने जाते हैं। उनके जीवन की कहानी, संघर्ष और फ़िल्मों में उनकी यात्रा को जानें।

Key Takeaways

  • बॉब क्रिस्टो का फ़िल्मी सफर प्रेरणादायक है।
  • उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ यादगार फाइट सीन किए।
  • उनकी लंबाई और स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें अद्वितीय बनाती थी।
  • बॉलीवुड में उन्होंने 80-90 के दशक में अपनी छाप छोड़ी।
  • योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में नई ज़िंदगी बिताई।

मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फ़िल्म उद्योग के 80 और 90 के दशक में, जब नायक की शख्सियत उतनी ही मजबूत थी, उतनी ही खतरनाक विलेन भी नजर आते थे। इस दौरान एक विदेशी चेहरा बार-बार स्क्रीन पर आता था, जो अपनी शक्ति और खौफनाक अंदाज से दर्शकों को डराने में सफल रहा। बॉब क्रिस्टो वही अभिनेता थे, जो बड़े सितारों के साथ भिड़ते हुए दिखाई देते थे। खासकर, अमिताभ बच्चन के साथ उनके फाइट सीन आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं।

20 मार्च 1938 को सिडनी में जन्मे बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था। वह एक शिक्षित सिविल इंजीनियर थे और उनका परिवार ग्रीक और जर्मन मूल का था। बचपन में ही वह जर्मनी चले गए, जहां उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर में भाग लेना शुरू किया। यहीं उनकी मुलाकात हेल्गा नाम की लड़की से हुई, जिनसे उन्होंने विवाह किया और तीन बच्चों के पिता बने। लेकिन, उनकी ज़िंदगी में एक बड़ा झटका तब लगा, जब एक सड़क दुर्घटना में उनकी पत्नी की मौत हो गई। यह हादसा उनके लिए एक बड़ा मानसिक आघात था और उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया।

उनकी ज़िंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब उन्होंने एक मैगज़ीन के कवर पर परवीन बाबी की तस्वीर देखी। उस तस्वीर ने उन्हें इतना प्रेरित किया कि उन्होंने सब कुछ छोड़कर भारत आने का निर्णय लिया। मुंबई पहुँचकर उन्होंने परवीन बाबी को खोजा और उनसे मिले। यही मुलाकात उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

परवीन बाबी की सहायता से उन्हें फ़िल्मों में काम करने का अवसर मिला और संजय खान ने 1980 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'अब्दुल्ला' में उन्हें पहला प्रमुख किरदार दिया। इसके बाद, बॉब क्रिस्टो ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 80-90 के दशक में बॉलीवुड के सबसे चर्चित विदेशी विलेन बन गए। उन्होंने 'कालिया', 'नमक हलाल', 'मर्द' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी फ़िल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।

इन फ़िल्मों में उनकी खास पहचान उनके एक्शन सीन थे। खासकर, अमिताभ बच्चन के साथ उनकी भिड़ंत दर्शकों को हमेशा से पसंद आती थी। बड़े पर्दे पर जब अमिताभ बच्चन और बॉब क्रिस्टो आमने-सामने होते थे, तो थिएटर में सीटियां और तालियां गूंज उठती थीं। उनकी लंबाई और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें अन्य विलेन से अलग बनाती थी।

उन्होंने लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया। उन्होंने न केवल हिंदी फ़िल्मों में, बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपना नाम कमाया और हर जगह अपनी छाप छोड़ी। फ़िल्मों से दूर होने के बाद, उन्होंने बेंगलुरु में योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में एक नई ज़िंदगी शुरू की। धीरे-धीरे वह फ़िल्म उद्योग से दूर होते गए और एक साधारण जीवन जीने लगे। 20 मार्च 2011 को 72 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

Point of View

NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

बॉब क्रिस्टो ने किस फ़िल्म में पहला बड़ा रोल किया?
बॉब क्रिस्टो ने 1980 में आई फ़िल्म 'अब्दुल्ला' में पहला बड़ा रोल किया।
बॉब क्रिस्टो का असली नाम क्या था?
बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था।
बॉब क्रिस्टो का निधन कब हुआ?
बॉब क्रिस्टो का निधन 20 मार्च 2011 को हुआ।
बॉब क्रिस्टो ने कितनी फ़िल्मों में काम किया?
उन्होंने लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया।
बॉब क्रिस्टो का जन्म कहाँ हुआ था?
बॉब क्रिस्टो का जन्म सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में हुआ था।
Nation Press