भारत ने पड़ोसी देशों को ऊर्जा सहायता प्रदान करते हुए घरेलू जरूरतों का ध्यान रखा: विदेश मंत्रालय

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भारत ने पड़ोसी देशों को ऊर्जा सहायता प्रदान करते हुए घरेलू जरूरतों का ध्यान रखा: विदेश मंत्रालय

सारांश

भारत ने पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश और श्रीलंका की ऊर्जा आवश्यकताओं में सहायता करने का आश्वासन दिया है, जबकि घरेलू आवश्यकताओं और रिफाइनिंग क्षमताओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। जानें इस विषय में विदेश मंत्रालय की नई जानकारी।

Key Takeaways

  • भारत पड़ोसी देशों को ऊर्जा सहायता प्रदान कर रहा है।
  • घरेलू आवश्यकताओं और रिफाइनिंग क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • 2007 से बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति की जा रही है।
  • पश्चिम एशिया में संघर्ष से ऊर्जा शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं।
  • भारत की रिफाइनिंग क्षमता महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकताओं के संदर्भ में बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों के लिए सहायता प्रदान कर रहा है, जबकि घरेलू आवश्यकताओं, रिफाइनिंग क्षमता और डीजल की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि नई दिल्ली को बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और अन्य पड़ोसी देशों से ऊर्जा संबंधी अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने बताया कि भारत 2007 से बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति कर रहा है और अन्य पड़ोसी देशों की भी सहायता कर रहा है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “ऊर्जा के संदर्भ में हमें कई पड़ोसी देशों से अनुरोध प्राप्त हुए हैं। मैंने पहले भी इस बारे में बात की थी। हमें बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और कुछ अन्य पड़ोसी देशों से अनुरोध मिले हैं। जैसा कि मैंने पहले संकेत दिया था, भारत 2007 से विभिन्न माध्यमों से बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति कर रहा है। हम वर्तमान में भी बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों की सहायता जारी रखे हुए हैं। यह कार्य हमारी अपनी आवश्यकताओं, रिफाइनिंग क्षमता और डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।”

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे एलपीजी की आपूर्ति चिंता का विषय बनी हुई है।

जायसवाल ने कहा, “हम सबसे पहले घरेलू खपत और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा, और उसके बाद हम यह तय करेंगे कि वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी आपूर्ति कैसे की जाए। हालांकि, आपूर्ति की कमी के कारण यह अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।”

पिछले सप्ताह, एक प्रमुख रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार को बांग्लादेश से डीजल आपूर्ति का अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसकी समीक्षा की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा था, “भारत अपने पड़ोसियों के लिए विशेष रूप से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का एक प्रमुख निर्यातक है। बांग्लादेश के साथ हमारे संबंधों में लोगों को केंद्र में रखने और विकास-उन्मुख दृष्टिकोण को देखते हुए, हम 2007 से ही नुमालीगढ़ रिफाइनरी से अलग-अलग तरीकों से डीजल की सप्लाई कर रहे हैं, जिनमें जलमार्ग, रेल और बाद में भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन शामिल हैं।”

उन्होंने आगे कहा था, “अक्टूबर 2017 में नुमालीगढ़ रिफाइनरी और बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के बीच आपसी सहमति से तय शर्तों पर हाई-स्पीड डीजल की सप्लाई के लिए एक खरीद-बिक्री समझौता साइन किया गया था। यह बताना जरूरी है कि जहां 2017 से बांग्लादेश को डीजल का एक्सपोर्ट काफी हद तक जारी रहा है, वहीं फैसले लेते समय भारत की रिफाइनिंग क्षमता, हमारी अपनी जरूरतों और डीजल की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाएगा।”

सरकार ने बार-बार कहा है कि उसे कई अन्य देशों से भी ऐसे अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच भारत की घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

Point of View

जो पड़ोसी देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए घरेलू आवश्यकताओं का भी ध्यान रखती है। यह एक रणनीतिक दृष्टिकोण है, जो क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती प्रदान करता है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत किस प्रकार की ऊर्जा सहायता प्रदान कर रहा है?
भारत बांग्लादेश, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों को डीजल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति कर रहा है।
भारत ने बांग्लादेश को डीजल कब से आपूर्ति करना शुरू किया?
भारत ने 2007 से बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति शुरू की है।
ऊर्जा शिपिंग मार्गों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे एलपीजी की आपूर्ति चिंता का विषय बनी हुई है।
भारत की रिफाइनिंग क्षमता का क्या महत्व है?
भारत की रिफाइनिंग क्षमता घरेलू आवश्यकताओं और पड़ोसी देशों को ऊर्जा की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्या भारत अन्य देशों से भी ऊर्जा आपूर्ति के अनुरोध प्राप्त कर रहा है?
हाँ, भारत को कई अन्य देशों से भी ऊर्जा आपूर्ति के अनुरोध प्राप्त हुए हैं।
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