खाड़ी देशों का दौरा: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की पहल
सारांश
Key Takeaways
- भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत कर रहा है।
- खाड़ी देशों के मंत्री दौरे पर हैं।
- भारत ने श्रीलंका को पेट्रोलियम उत्पाद भेजा।
- कतर से ऊर्जा संबंधों को और मज़बूत करने की कोशिश।
- लेबनान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को बताया कि भारत पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं पर बारीकी से नज़र रख रहा है और खाड़ी देशों के साथ लगातार संवाद में है।
नई दिल्ली में शुक्रवार को पश्चिम एशिया संकट पर आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्यरत है और आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता प्रदान कर रहा है।
जायसवाल ने कहा, “हम पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार ध्यान दे रहे हैं। हम खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ संवाद में हैं। प्रधानमंत्री के निर्देश पर हमारे मंत्री खाड़ी देशों का दौरा कर रहे हैं, ताकि ऊर्जा सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके। जैसा कि आप जानते हैं, विदेश मंत्री इस समय मॉरीशस में हैं और 11-12 अप्रैल को वे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करेंगे। वहां वे यूएई के नेताओं से मुलाकात करेंगे, ताकि भारत-यूएई संबंधों को और मजबूती दी जा सके। साथ ही, हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के साथ ही पड़ोसी देशों को उनकी ऊर्जा जरूरतों में सहायता भी प्रदान कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि हमने लगभग दो सप्ताह पहले श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद भेजा था। हम मॉरीशस के साथ तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक सरकारी समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, जो उनकी ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों देशों के नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है।
जायसवाल ने यह भी कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस समय कतर के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने वहां के नेतृत्व से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश और एकजुटता का भाव पहुँचाया।
जायसवाल ने कहा, “हमारे पेट्रोलियम मंत्री कतर में हैं। कतर भारत के लिए ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है। उन्होंने अपने कतर के समकक्ष से मुलाकात की है। मंत्री ने प्रधानमंत्री की ओर से कतर के अमीर, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को शुभकामनाएँ और एकजुटता का संदेश दिया। कतर के ऊर्जा मंत्री ने आश्वासन दिया कि कतर एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा और भारत के साथ ऊर्जा संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा जताई।”
इस ब्रीफिंग में जायसवाल ने लेबनान में नागरिकों की मौतों की रिपोर्ट पर भारत की गहरी चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों की दिशा बहुत चिंताजनक है और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए तथा देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
एमईए के अनुसार, इस समय लेबनान में लगभग 1,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्ष विराम बुधवार से लागू हुआ है और शनिवार से शांति वार्ता शुरू होने वाली है। हालांकि, इजरायल ने कहा कि यह संघर्ष विराम लेबनान में सैन्य कार्रवाई पर लागू नहीं होता।