पुष्कर जोग और तानिया चटर्जी का 'हाय रे हाय': अच्छे को-एक्टर के साथ केमिस्ट्री अपने आप बन जाती है
सारांश
मुख्य बातें
मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेता पुष्कर जोग और अभिनेत्री तानिया चटर्जी का हाई-एनर्जी म्यूजिक वीडियो 'हाय रे हाय' दर्शकों के बीच आ गया है। 21 अगस्त को रिलीज़ इस ग्लैमरस वीडियो में दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री खासी चर्चा में है। पुष्कर ने बताया कि गाने की बीट्स ने उन्हें पहली बार सुनते ही अपना दीवाना बना लिया।
गाने से पहली मुलाकात
पुष्कर जोग ने बताया कि 'हाय रे हाय' की धुन ने उन पर तुरंत असर किया। उनके शब्दों में, 'यह गाना इतनी मजेदार बीट्स वाला है कि जब मैंने पहली बार इसे सुना, तो मुझे एक अलग तरह का जुड़ाव महसूस हुआ। मुझे लगा कि इस पर तो डांस करना चाहिए — और गाड़ी चलाते समय मैं सचमुच डांस कर रहा था।' यह उत्साह बताता है कि वीडियो में उनकी ऊर्जा स्वाभाविक थी, दिखावटी नहीं।
डांस से शुरू हुई करियर की यात्रा
पुष्कर ने यह भी खुलासा किया कि उनके करियर की नींव डांस पर ही टिकी है। उन्होंने कहा, 'मेरे करियर की शुरुआत डांस से ही हुई थी, इसलिए मेरी इच्छा थी कि मैं अपनी डांस जर्नी हिंदी दर्शकों को भी दिखाऊं।' 'हाय रे हाय' उनके लिए सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से हिंदी ऑडियंस को जोड़ने का मौका है।
केमिस्ट्री का राज़: सही को-एक्टर
म्यूजिक वीडियो में कम समय में स्वाभाविक केमिस्ट्री दिखाना किसी भी कलाकार के लिए चुनौती होती है। पुष्कर ने इस पर बेबाकी से कहा, 'सच कहूं तो, अगर आपका को-एक्टर अच्छा है, तो इसमें ज़्यादा समय नहीं लगता — लेकिन अगर उसमें बहुत एटीट्यूड है, तो दिक्कत हो सकती है।' उन्होंने तानिया चटर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ काम करना 'सोने पे सुहागा' रहा।
टीम और डायरेक्शन की सराहना
पुष्कर ने वीडियो की पूरी टीम को श्रेय देते हुए कहा कि डायरेक्टर अभिजीत धानी ने कमाल का निर्देशन दिया और कोरियोग्राफर ने ऐसी कोरियोग्राफी तैयार की जिसने डांस को और भी मजेदार बना दिया। यह तालमेल वीडियो की ऊर्जा में साफ़ दिखता है।
इमेज से परे, ऑडियंस पहले
मराठी सिनेमा में स्थापित पहचान रखने वाले पुष्कर से जब पूछा गया कि क्या यह वीडियो उनकी इमेज से आगे जाने का प्रयोग है, तो उन्होंने सीधा जवाब दिया — 'मैं अपनी इमेज के बारे में इतना नहीं सोचता। मैं बस अपनी ऑडियंस को एंटरटेन करना चाहता हूं, फिर चाहे वे मराठी हों या हिंदी।' यह रवैया बताता है कि पुष्कर भाषाई सीमाओं से परे अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए तैयार हैं।