क्या पिता से दूरी, अकेलापन और हार्ट अटैक ने कपूर खानदान के चिराग राजीव का जीवन बदल दिया?

Click to start listening
क्या पिता से दूरी, अकेलापन और हार्ट अटैक ने कपूर खानदान के चिराग राजीव का जीवन बदल दिया?

सारांश

राजीव कपूर का जीवन संघर्ष और पहचान की कहानी है। कपूर खानदान का यह चिराग न केवल अभिनेता बनना चाहता था, बल्कि कई बार निर्देशन में भी हाथ आजमाया। मुश्किलों और व्यक्तिगत समस्याओं के बावजूद उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव झेले, जो अंततः उनके जीवन को प्रभावित करते हैं।

Key Takeaways

  • कपूर खानदान का महत्व और विरासत
  • राजीव कपूर का संघर्ष और प्रयास
  • पारिवारिक संबंधों का महत्व
  • सफलता और असफलता का संतुलन
  • अकेलेपन और व्यक्तिगत चुनौतियों की कहानी

मुंबई, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा में कुछ ऐसे परिवार हैं जिनका नाम खुद एक पहचान बन चुका है। कपूर खानदान उन्हीं में से एक है, जो अभिनय, निर्देशन और कला के हर रंग से जुड़ा रहा है। इस परंपरा की शुरुआत पृथ्वीराज कपूर से हुई थी और यह राज कपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर तक चली, जिसमें हर पीढ़ी ने अपनी अलग पहचान बनाई। इसी चमकते परिवार में जन्मे राजीव कपूर थे, जिन्हें पहचान मिली, लेकिन वह सपना नहीं जो उन्होंने देखा था। राजीव कपूर अभिनेता बनना चाहते थे, पर उनके पिता राज कपूर उन्हें एक निर्देशक के रूप में देखना चाहते थे। दो अलग-अलग रास्तों के बीच फंसे राजीव ने कभी पर्दे पर, कभी कैमरे के पीछे अपनी पहचान बनाने की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास में उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी।

राजीव कपूर का जन्म 25 अगस्त 1962 को मुंबई में हुआ। उन्हें प्यार से 'चिंपू' कहा जाता था। उन्होंने अभिनय की शुरुआत 1983 में 'एक जान हैं हम' फिल्म से की, लेकिन यह फिल्म ज्यादा सफल नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने 'आसमान', 'लवर बॉय' और 'जबरदस्त' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन सफलता की दौड़ में वह पीछे रह गए। उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव 'राम तेरी गंगा मैली' फिल्म लेकर आई, जो राज कपूर के निर्देशन में 1985 में रिलीज हुई। इस फिल्म ने कामयाबी के झंडे गाड़ दिए और राजीव की पहचान को मजबूत किया। फिर भी, इस सफलता के बावजूद राजीव कपूर को वह मुकाम नहीं मिला जिसकी उन्होंने आशा की थी। कई बार उनकी लापरवाही और शराब पीने की आदत ने उन्हें मुश्किलों में डाल दिया, जिससे उनके करियर पर असर पड़ा।

राज कपूर के समान, राजीव भी अभिनय में नाम कमाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

फिल्म समीक्षक जयप्रकाश चौकसे ने कहा था, "राज कपूर ने कई बार उन्हें सलाह दी कि अभिनय में प्रयास मत करो, बल्कि निर्देशन में करियर बनाओ।" लेकिन राजीव के मन में अभिनेता बनने की तड़प इतनी थी कि उन्होंने पिता की बात नहीं मानी और जल्दबाजी में 'एक जान हैं हम' जैसी फिल्में कर लीं, जो व्यावसायिक रूप से असफल रहीं। इसके कारण राज कपूर नाराज हो गए और उनके बीच मनमुटाव बढ़ गया। कहा जाता है कि राजीव ने पिता के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा नहीं लिया, जिससे उनकी निजी जिंदगी में तनाव बना रहा।

राजीव कपूर ने अभिनेता बनने के साथ-साथ निर्माता और निर्देशक के रूप में भी खुद को आजमाया। 1991 में उन्होंने 'हिना' नामक फिल्म का निर्माण किया, जिसका निर्देशन उनके बड़े भाई रणधीर कपूर ने किया। बाद में 1996 में उन्होंने 'प्रेम ग्रंथ' नामक फिल्म का निर्देशन किया, जिसमें उनके भाई ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित प्रमुख भूमिका में थे। लेकिन यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई। उन्होंने टीवी सीरियल 'वंश' का भी निर्माण किया।

1999 में राजीव ने 'आ अब लौट चलें' नामक फिल्म का निर्माण किया, जिसे उनके भाई ऋषि कपूर ने निर्देशित किया। इन सभी प्रयासों के बावजूद राजीव कपूर अपने करियर में निरंतर सफलता हासिल नहीं कर पाए और धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बनाने लगे।

उनके निजी जीवन में भी उतार-चढ़ाव आए। उन्होंने 2001 में आर्किटेक्ट आरती सभरवाल से शादी की, लेकिन यह रिश्ता दो साल ही चला और 2003 में दोनों अलग हो गए। तलाक के बाद राजीव अकेले रहने लगे और पुणे में एक बंगला खरीद लिया। वह काफी समय अकेलेपन में बिताने लगे और शराब पीने की आदत ने उनकी जिंदगी को और मुश्किल बना दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन के बाद वह मुंबई लौट आए और अपने बड़े भाई रणधीर कपूर के घर चेंबूर में रहने लगे।

राजीव ने 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'टूल्सिडास जूनियर' से कमबैक किया; यह उनकी मृत्यु से कुछ समय पहले पूरी हुई थी। यह फिल्म दर्शकों और आलोचकों दोनों की सराहना पाने में सफल रही।

उनका निधन 9 फरवरी 2021 को मुंबई में हुआ, जब वह अपने भाई रणधीर कपूर के घर थे। सुबह उन्हें हार्ट अटैक आया, और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उनकी मौत हो गई। उन्होंने 58 साल की उम्र में आखिरी सांस ली।

Point of View

लेकिन उन्होंने अपने सपनों को साकार करने की कोशिश की। यह कहानी हमें यह भी बताती है कि पारिवारिक संबंधों का महत्व कितना होता है, खासकर जब हम अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते हैं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

राजीव कपूर का जन्म कब हुआ था?
राजीव कपूर का जन्म 25 अगस्त 1962 को मुंबई में हुआ था।
राजीव कपूर ने किस फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की?
राजीव कपूर ने 1983 में 'एक जान हैं हम' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की।
राजीव कपूर का निधन कब हुआ?
राजीव कपूर का निधन 9 फरवरी 2021 को हुआ।
राजीव कपूर ने किस फिल्म का निर्देशन किया?
राजीव कपूर ने 1996 में 'प्रेम ग्रंथ' नामक फिल्म का निर्देशन किया।
क्या राजीव कपूर का व्यक्तिगत जीवन भी कठिनाइयों में रहा?
हाँ, राजीव कपूर का व्यक्तिगत जीवन भी कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जिसमें उनकी शादी और तलाक शामिल हैं।