नवरात्रि पर राजपाल यादव की अपील: कन्या पूजन के साथ बेटियों की सुरक्षा का संकल्प भी लें
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता राजपाल यादव ने नवरात्रि 2026 के अवसर पर महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक भावपूर्ण अपील की है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि देवी की आराधना केवल मंदिरों और पूजा-स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि हर बेटी की सुरक्षा और उसके अधिकारों की रक्षा में भी उसकी शक्ति को पहचाना जाए। यादव ने यह संदेश अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया।
इंस्टाग्राम पर उठाया अहम सवाल
राजपाल यादव ने अपनी पोस्ट में नवरात्रि की परंपरा का उल्लेख करते हुए एक तीखा सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, 'नवरात्रि के नौ दिनों तक हम देवी शक्ति की आराधना करते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन छोटी-छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। लेकिन जब महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं, तो मन में एक सवाल उठता है कि जिस देश में छोटी बच्चियों को देवी मानते हैं, क्या वहां हर बेटी सच में सुरक्षित है?' यह सवाल उन्होंने समाज के सामने रखा, न कि किसी व्यक्ति-विशेष पर आरोप के रूप में।
तीन बेटियों के पिता का भावुक संदेश
यादव ने बताया कि तीन बेटियों के पिता होने के नाते यह विषय उन्हें गहराई से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा, 'हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करे, अपनी शर्तों पर जिंदगी जिए और उसे हर जगह सम्मान मिले।' उनके इस व्यक्तिगत अनुभव ने संदेश को और भी प्रासंगिक बना दिया।
मां दुर्गा की पूजा को सार्थक बनाने की अपील
अभिनेता ने अपने संदेश में कहा, 'मां दुर्गा की पूजा तभी वास्तव में सार्थक होगी, जब हम उनकी शक्ति को सिर्फ मंदिरों में ही नहीं, बल्कि हर महिला के प्रति अपने सम्मान और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के जरिए भी पहचानेंगे।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक विमर्श जारी है।
समाज से संकल्प लेने का आग्रह
राजपाल यादव ने लिखा, 'इस नवरात्रि, आइए हम खुद को सिर्फ देवी की पूजा तक सीमित न रखें। हम यह संकल्प भी लें कि अपनी बेटियों को हिम्मत के साथ जीना सिखाने के अलावा उन्हें ऐसी दुनिया देने की कोशिश करेंगे, जहां उन्हें हर दिन अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष न करना पड़े।' उन्होंने कन्या पूजन को महज एक रस्म नहीं, बल्कि हर बेटी के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी बताया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बॉलीवुड कलाकार ने किसी धार्मिक अवसर को महिला सशक्तिकरण के संदेश से जोड़ा हो — लेकिन राजपाल यादव की यह अपील अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक संदर्भ के कारण अलग प्रभाव छोड़ती है।