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सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार बोले — खाना सिर्फ स्वाद नहीं, लोगों को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत है

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सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार बोले — खाना सिर्फ स्वाद नहीं, लोगों को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत है

सारांश

रणवीर बरार के लिए खाना सिर्फ रेसिपी नहीं — यह रिश्तों की भाषा है। 'यस शेफ' के प्रमोशन में उन्होंने कहा कि दो दोस्तों के साथ खाने का अनुभव किसी भी कला चर्चा से गहरा होता है। लोकल बाज़ार से ताज़ी सब्जी और सीमित खाना पकाने की उनकी सलाह — मन और रसोई दोनों को हल्का रखती है।

मुख्य बातें

रणवीर बरार ने मुंबई के अंधेरी वेस्ट में अपने स्ट्रीमिंग शो 'यस शेफ' के प्रमोशन के दौरान खाने और रिश्तों पर अपने विचार साझा किए।
उनके अनुसार, भोजन दो लोगों से लेकर पूरे देश तक को जोड़ने की क्षमता रखता है — यही उसे अन्य कला माध्यमों से अलग बनाता है।
बरार ने लोकल सब्जी मंडी से ताज़ी खरीदारी की वकालत की और 10 मिनट डिलीवरी ऐप्स के बढ़ते चलन पर चिंता जताई।
उन्होंने सुझाव दिया कि ज़रूरत के अनुसार ही खाना पकाने से रेफ्रिजरेटर में अव्यवस्था और मानसिक तनाव दोनों कम होते हैं।
शो 'यस शेफ' को दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

सेलिब्रिटी शेफ और अभिनेता रणवीर बरार ने अपने नए स्ट्रीमिंग क्विज़ शो 'यस शेफ' के प्रमोशन के दौरान कहा कि भोजन महज़ स्वाद का विषय नहीं, बल्कि वह बुनियादी धागा है जो व्यक्तियों, परिवारों और पूरी संस्कृतियों को आपस में बाँधता है। मुंबई के अंधेरी वेस्ट में आयोजित प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खाने और रिश्तों के गहरे संबंध पर खुलकर अपने विचार साझा किए। शो को दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

खाना और रिश्ते — बरार का नज़रिया

रणवीर बरार ने कहा, "असली रिश्ता खाने से ही बनता है। दो दोस्त किसी गाने या पेंटिंग पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन जब दो दोस्त साथ बैठकर खाना खाते हैं, तो उस रिश्ते की कोई तुलना नहीं हो सकती। इसलिए, खाना ही वो चीज़ है, जो लोगों को आपस में जोड़ती है।"

उन्होंने आगे जोड़ा कि यह सिलसिला दो लोगों के बीच ही नहीं रुकता — यह परिवार, समुदाय, समाज और देश तक फैलता है। बरार ने कहा, "यह दो लोगों, परिवार, समुदाय, समाज और देश को जोड़ता है, जो इसे बहुत ताकतवर बनाता है। और मैं खुद को बहुत किस्मत वाला मानता हूँ कि मैं ऐसे काम में हूँ, जहाँ अगर आप न भी चाहें, तब भी लोग आपसे जुड़ जाते हैं।"

'यस शेफ' को मिल रहा है दर्शकों का प्यार

बरार का यह स्ट्रीमिंग क्विज़ शो 'यस शेफ' दर्शकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। खाने की दुनिया को एक नए इंटरैक्टिव प्रारूप में पेश करने की यह कोशिश खाद्य प्रेमियों और फ़ूड कल्चर में रुचि रखने वाले दर्शकों को खासा पसंद आ रही है। बरार ने इस शो को अपने लिए एक रचनात्मक और व्यक्तिगत अनुभव बताया।

ताज़गी और लोकल बाज़ार की वकालत

इससे पहले रणवीर बरार ने रसोई में खाद्य सुरक्षा और ताज़गी बनाए रखने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए थे। उन्होंने कहा था, "सबसे पहले, अपनी खरीदारी लोकल मार्केट से करें। हम सभी ने सब्जी मंडी जाना छोड़ दिया है। 10 मिनट में सामान पहुँचाने वाले ऐप्स ने सब्जी मंडी से खरीदारी का कल्चर बदल दिया है। जब आप पूरी गाड़ी पर ताज़ी सब्जियाँ देखते हैं तो आपको ताज़े खाने की अहमियत समझ आती है।"

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इमर्जेंसी में डिलीवरी ऐप्स का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन नियमित खरीदारी के लिए बाज़ार जाना ज़रूरी है। बरार के अनुसार, जितनी ज़रूरत हो उतना ही खाना पकाने से रेफ्रिजरेटर में अनावश्यक सामान नहीं जमा होता और मानसिक तनाव भी कम रहता है।

रेफ्रिजरेटर और मानसिक शांति का अनोखा कनेक्शन

बरार ने एक दिलचस्प बात कही — कि रेफ्रिजरेटर में भरा बचा हुआ खाना मन में तनाव पैदा करता है। उन्होंने कहा, "अगर हम उतना ही खाना बनाएँ जितनी ज़रूरत हो, तो रेफ्रिजरेटर में कम चीज़ें होंगी। और अगर रेफ्रिजरेटर में कम चीज़ें होंगी तो मन में बचा हुआ खाना इस्तेमाल करने की टेंशन भी कम होगी — इसलिए रेफ्रिजरेटर का मन की टेंशन से सीधा संबंध है।" यह दृष्टिकोण खाने को केवल पोषण तक सीमित न रखकर उसे भावनात्मक और मानसिक सेहत से जोड़ता है — और यही बरार की खाद्य दर्शन की असली पहचान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक गहरा सांस्कृतिक सच है — भारत में खाने की मेज़ हमेशा से सामाजिक पुल रही है, चाहे वह गाँव की चौपाल हो या शहर का डाइनिंग टेबल। लेकिन क्विक कॉमर्स और इंस्टेंट डिलीवरी के युग में यह रिश्ता तेज़ी से बदल रहा है — बाज़ार जाने की आदत टूट रही है और खाने का सामूहिक अनुभव व्यक्तिगत स्क्रीन तक सिमट रहा है। बरार का 'यस शेफ' इसी खाई को पाटने की कोशिश है — एक ऐसे शेफ का प्रयास जो मानता है कि खाना बनाना सिखाने से ज़्यादा ज़रूरी है खाने की अहमियत महसूस कराना। मुख्यधारा की मीडिया जहाँ सेलिब्रिटी शेफ को केवल एंटरटेनमेंट आइकन के रूप में दिखाती है, वहीं बरार का यह नज़रिया उन्हें एक सांस्कृतिक टिप्पणीकार के रूप में भी स्थापित करता है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणवीर बरार का नया शो 'यस शेफ' क्या है?
'यस शेफ' एक स्ट्रीमिंग क्विज़ शो है जिसमें सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार खाने की दुनिया को एक इंटरैक्टिव प्रारूप में दर्शकों के सामने पेश करते हैं। शो को दर्शकों से अब तक उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।
रणवीर बरार के अनुसार खाना रिश्तों को कैसे जोड़ता है?
रणवीर बरार का मानना है कि साथ बैठकर खाना खाने का अनुभव किसी भी अन्य कला या माध्यम की तुलना में गहरा रिश्ता बनाता है। उनके अनुसार यह संबंध दो व्यक्तियों से शुरू होकर परिवार, समुदाय, समाज और पूरे देश तक फैलता है।
रणवीर बरार ने ताज़े खाने के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
बरार ने सुझाया है कि नियमित खरीदारी के लिए लोकल सब्जी मंडी जाना बेहतर है, न कि केवल त्वरित डिलीवरी ऐप्स पर निर्भर रहना। उनका कहना है कि ताज़ी सब्जियाँ देखने महसूस करने से खाने की अहमियत का एहसास होता है।
रणवीर बरार ने रेफ्रिजरेटर और मानसिक तनाव के बीच क्या संबंध बताया?
बरार के अनुसार जितनी ज़रूरत हो उतना ही खाना पकाने से रेफ्रिजरेटर में कम सामान होगा और बचे हुए खाने को इस्तेमाल करने की चिंता भी कम होगी। उन्होंने कहा कि रेफ्रिजरेटर का मन की टेंशन से सीधा संबंध है।
क्या रणवीर बरार सिर्फ शेफ हैं या अभिनेता भी हैं?
रणवीर बरार एक सेलिब्रिटी शेफ होने के साथ साथ अभिनेता भी हैं और अब स्ट्रीमिंग कंटेंट के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। 'यस शेफ' उनके इसी बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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