सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार बोले — खाना सिर्फ स्वाद नहीं, लोगों को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत है
सारांश
मुख्य बातें
सेलिब्रिटी शेफ और अभिनेता रणवीर बरार ने अपने नए स्ट्रीमिंग क्विज़ शो 'यस शेफ' के प्रमोशन के दौरान कहा कि भोजन महज़ स्वाद का विषय नहीं, बल्कि वह बुनियादी धागा है जो व्यक्तियों, परिवारों और पूरी संस्कृतियों को आपस में बाँधता है। मुंबई के अंधेरी वेस्ट में आयोजित प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खाने और रिश्तों के गहरे संबंध पर खुलकर अपने विचार साझा किए। शो को दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।
खाना और रिश्ते — बरार का नज़रिया
रणवीर बरार ने कहा, "असली रिश्ता खाने से ही बनता है। दो दोस्त किसी गाने या पेंटिंग पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन जब दो दोस्त साथ बैठकर खाना खाते हैं, तो उस रिश्ते की कोई तुलना नहीं हो सकती। इसलिए, खाना ही वो चीज़ है, जो लोगों को आपस में जोड़ती है।"
उन्होंने आगे जोड़ा कि यह सिलसिला दो लोगों के बीच ही नहीं रुकता — यह परिवार, समुदाय, समाज और देश तक फैलता है। बरार ने कहा, "यह दो लोगों, परिवार, समुदाय, समाज और देश को जोड़ता है, जो इसे बहुत ताकतवर बनाता है। और मैं खुद को बहुत किस्मत वाला मानता हूँ कि मैं ऐसे काम में हूँ, जहाँ अगर आप न भी चाहें, तब भी लोग आपसे जुड़ जाते हैं।"
'यस शेफ' को मिल रहा है दर्शकों का प्यार
बरार का यह स्ट्रीमिंग क्विज़ शो 'यस शेफ' दर्शकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। खाने की दुनिया को एक नए इंटरैक्टिव प्रारूप में पेश करने की यह कोशिश खाद्य प्रेमियों और फ़ूड कल्चर में रुचि रखने वाले दर्शकों को खासा पसंद आ रही है। बरार ने इस शो को अपने लिए एक रचनात्मक और व्यक्तिगत अनुभव बताया।
ताज़गी और लोकल बाज़ार की वकालत
इससे पहले रणवीर बरार ने रसोई में खाद्य सुरक्षा और ताज़गी बनाए रखने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए थे। उन्होंने कहा था, "सबसे पहले, अपनी खरीदारी लोकल मार्केट से करें। हम सभी ने सब्जी मंडी जाना छोड़ दिया है। 10 मिनट में सामान पहुँचाने वाले ऐप्स ने सब्जी मंडी से खरीदारी का कल्चर बदल दिया है। जब आप पूरी गाड़ी पर ताज़ी सब्जियाँ देखते हैं तो आपको ताज़े खाने की अहमियत समझ आती है।"
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इमर्जेंसी में डिलीवरी ऐप्स का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन नियमित खरीदारी के लिए बाज़ार जाना ज़रूरी है। बरार के अनुसार, जितनी ज़रूरत हो उतना ही खाना पकाने से रेफ्रिजरेटर में अनावश्यक सामान नहीं जमा होता और मानसिक तनाव भी कम रहता है।
रेफ्रिजरेटर और मानसिक शांति का अनोखा कनेक्शन
बरार ने एक दिलचस्प बात कही — कि रेफ्रिजरेटर में भरा बचा हुआ खाना मन में तनाव पैदा करता है। उन्होंने कहा, "अगर हम उतना ही खाना बनाएँ जितनी ज़रूरत हो, तो रेफ्रिजरेटर में कम चीज़ें होंगी। और अगर रेफ्रिजरेटर में कम चीज़ें होंगी तो मन में बचा हुआ खाना इस्तेमाल करने की टेंशन भी कम होगी — इसलिए रेफ्रिजरेटर का मन की टेंशन से सीधा संबंध है।" यह दृष्टिकोण खाने को केवल पोषण तक सीमित न रखकर उसे भावनात्मक और मानसिक सेहत से जोड़ता है — और यही बरार की खाद्य दर्शन की असली पहचान है।