क्या 'छोरियां चली गांव' के जरिए रणविजय सिंह आज की पीढ़ी को भारत की खूबसूरती दिखाना चाहेंगे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 'छोरियां चली गांव' के जरिए रणविजय सिंह आज की पीढ़ी को भारत की खूबसूरती दिखाना चाहेंगे?

सारांश

क्या रणविजय सिंह के शो 'छोरियां चली गांव' से आज की पीढ़ी को भारत की सादगी और खूबसूरती देखने को मिलेगी? इस शो के माध्यम से वे गांव के जीवन को नई पीढ़ी के सामने पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जो दर्शकों को प्रेरित करेगा।

मुख्य बातें

शो 'छोरियां चली गांव' में गांव के जीवन का अनोखा अनुभव।
आज की पीढ़ी को भारत की सादगी से परिचित कराना।
लड़कियों को आत्मनिर्भरता और चुनौतियों का सामना करने का मौका।
शो का उद्देश्य सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना।
रणविजय सिंह का व्यक्तिगत जुड़ाव और अनुभव।

मुंबई, 31 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता और होस्ट रणविजय सिंह आगामी रियलिटी शो 'छोरियां चली गांव' में दिखाई देंगे। उन्होंने साझा किया कि इस शो के माध्यम से वह आज की पीढ़ी, विशेषकर अपने बच्चों को भारत के सादे जीवन और गांवों की खूबसूरती से परिचित कराना चाहते हैं।

रणविजय के लिए यह शो बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी बचपन की यादें पंजाब के गांव से जुड़ी हुई हैं।

उन्होंने कहा, “बचपन में मैं हर गर्मी की छुट्टियों में अपने दादा-दादी के पास गांव जाता था। मुर्गे की आवाज के साथ सुबह उठना, खेतों में नंगे पांव दौड़ना, हैंडपंप से पानी निकालना, गाय के तबेले से दूध लाना और खेतों में मदद करना ये सब मेरी दिनचर्या का हिस्सा था।”

इन छोटी-छोटी बातों को परिवार के सामने गर्व से दिखाना उन्हें हमेशा अच्छा लगता था।

उन्होंने आगे कहा, “आज की पीढ़ी को ऐसी जिंदगी का अनुभव नहीं मिलता। मैं चाहता हूं कि 'छोरियां चली गांव' के जरिए मेरे बच्चे और युवा पीढ़ी असली भारत को देखें, जहां लोग सादगी से, लेकिन शांति से जीते हैं।”

रणविजय का मानना है कि यह शो न केवल मनोरंजन करेगा, बल्कि दर्शकों को गांव की सादगी और मूल्यों से जोड़ने का काम करेगा। वह यह भी चाहते हैं कि उनके बच्चे पानी और भोजन की कीमत समझें और अपने हाथों से काम करने की खुशी को जानें।

'छोरियां चली गांव' एक अनोखा नॉन-फिक्शन शो है। इस शो में 11 आत्मनिर्भर लड़कियों को 60 दिनों के लिए एक गांव में भेजा जाएगा। वहां वे गांव के रहन-सहन, तौर-तरीकों और परंपराओं के बीच रहेंगी।

ये लड़कियां गांव के माहौल में खुद को ढालने की कोशिश करेंगी। उन्हें खाना बनाना, पशुओं की देखभाल करना, खेत में काम करना आदि गांव में होने वाले सभी काम करने होंगे। इस सफर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी असली ताकत और जज्बा सामने आएगा।

इस शो का मकसद शहर की लड़कियों की ताकत, जज्बा और माहौल के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता को प्रदर्शित करना है।

'छोरियां चली गांव' जल्द ही जीटीवी पर प्रसारित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम मानते हैं कि 'छोरियां चली गांव' केवल एक शो नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पहल है जो आज की पीढ़ी को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों और सादगी से जोड़ने का काम करेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शो 'छोरियां चली गांव' का उद्देश्य क्या है?
यह शो शहर की लड़कियों को गांव के जीवन का अनुभव कराना और उनकी ताकत और जज्बे को प्रदर्शित करना है।
शो में कितनी लड़कियां भाग लेंगी?
इस शो में 11 आत्मनिर्भर लड़कियां भाग लेंगी।
रियलिटी शो कब प्रसारित होगा?
यह शो जल्द ही जीटीवी पर प्रसारित होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले