रश्मिका मंदाना के साउथ इंडियन एक्सेंट पर मधु का समर्थन: 'खुद की पहचान अपनाना काबिले-तारीफ'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री मधु ने फिल्ममेकर करण जौहर के चर्चित टॉक शो 'कॉफी विद करण' में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना द्वारा अपने साउथ इंडियन एक्सेंट को लेकर ट्रोलिंग के बारे में खुलकर बात करने के बाद उनका खुलकर समर्थन किया है। मधु ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर रश्मिका के आत्मविश्वास और अपनी पहचान को स्वीकारने के अंदाज़ की जमकर तारीफ की।
रश्मिका ने 'कॉफी विद करण' में क्या कहा था
रश्मिका मंदाना ने 'कॉफी विद करण' के एपिसोड में स्वीकार किया था कि उन्हें उनके उच्चारण, भाषा और परफॉर्मेंस के लिए ट्रोल किया जाता रहा है। उन्होंने बेबाकी से कहा था कि वह साउथ इंडियन हैं और इसी वजह से उनका एक्सेंट स्वाभाविक रूप से सामने आता है — और इसमें उन्हें कोई शर्म नहीं।
मधु का समर्थन और उनकी अपनी जर्नी
मधु ने अपने वीडियो में कहा, 'मैंने हाल ही में टॉक शो कॉफी विद करण देखा और इस शो में जिस तरह से रश्मिका ने अपने एक्सेंट की आलोचना को हैंडल किया, वह मुझे बहुत पसंद आया। रश्मिका लोगों की आलोचना पर हंसती हैं और खुद को साउथ इंडियन कहती हैं — और जिस तरह से उन्होंने अपने एक्सेंट को स्वीकार किया है, वह मुझे बहुत पसंद आया।'
मधु ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष को भी साझा किया। उन्होंने बताया, 'कई साल पहले, जब मैं हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्री के तौर पर आई थी, तो मैं साउथ इंडियन होने की वजह से मिलने वाले जजमेंट से बहुत डरती थी। मैंने उर्दू की टीचर रखने की कोशिश की और खुद को हिंदी में बेहतर बनाया — हर वह चीज की, ताकि मेरे एक्सेंट की वजह से मैं पकड़ी न जाऊं।'
एक्सेंट का डर और आत्मस्वीकृति की राह
मधु ने बताया कि अगर उनकी आवाज़ में थोड़ा भी साउथ इंडियन एक्सेंट पकड़ा जाता था, तो वे घबरा जाती थीं। उन्होंने कहा, 'जब लोग कहते थे कि मेरी हिंदी, हिंदी बोलने वालों से भी बेहतर है, तो मुझे बहुत गर्व महसूस होता था — और यही मेरी जर्नी थी।'
यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि किस तरह दशकों पहले बॉलीवुड में साउथ इंडियन कलाकारों को अपनी क्षेत्रीय पहचान छुपाने का अघोषित दबाव झेलना पड़ता था।
रश्मिका को मधु का संदेश
मधु ने अपने वीडियो के अंत में रश्मिका को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'आज, मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि मैं साउथ इंडियन हूं। अगर मैं हिंदी में गलती करती हूं या मेरे एक्सेंट में साउथ इंडियन टच है, तो मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है — लेकिन मुझे यहां तक पहुंचने में 30 से 35 साल लग गए।'
उन्होंने आगे कहा, 'रश्मिका, तुम्हें बहुत सारी शुभकामनाएं। मुझे अच्छा लगा कि तुम इसे अपनाती हो, इस पर हंसती हो — और तुम सच में एक स्टार हो। ऐसी ही बनी रहो।' यह भावनात्मक संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में साउथ इंडियन कलाकारों की बढ़ती उपस्थिति के साथ यह बहस और भी प्रासंगिक हो गई है। रश्मिका मंदाना की 'पुष्पा' और 'एनिमल' जैसी फिल्मों की सफलता के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा नाम बन चुकी हैं, और उनका यह रुख — अपनी पहचान पर गर्व करना — नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक मिसाल बनता दिख रहा है।