क्या 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद ऋचा चड्ढा ने मजबूरी में गलत रोल के लिए 'हां' कहा?

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क्या 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद ऋचा चड्ढा ने मजबूरी में गलत रोल के लिए 'हां' कहा?

सारांश

ऋचा चड्ढा ने हाल ही में अपने संघर्षों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मजबूरी में गलत निर्णय लेने पड़ते हैं। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद के अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने गलत रोल के लिए 'हां' कहा था।

Key Takeaways

  • सफलता की यात्रा सीधी नहीं होती।
  • निर्णय लेने की ताकत महत्वपूर्ण होती है।
  • सही मौके का इंतजार करना चाहिए।
  • सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।
  • निर्देशकों का महत्व समझना चाहिए।

मुंबई, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने हाल ही में 15वें इंडिया फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बात की।

ऋचा ने कहा कि मनोरंजन उद्योग में सफलता की यात्रा कभी भी सरल नहीं होती है और कभी-कभी मजबूरी में गलत निर्णय भी लेने पड़ते हैं। कभी-कभी अच्छे रोल के लिए पैसे कम मिलते हैं, कभी रोल अच्छा होता है, लेकिन पैसे सही नहीं होते, और कभी पसंदीदा निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिलता है, लेकिन वहां भी या तो पैसे कम होते हैं या मिलते ही नहीं। हालांकि, आपको लगता है कि इनसे काम करना जरूरी है।

ऋचा ने उस समय की एक घटना का जिक्र किया जब उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की थी। उन्होंने कहा, "यह साल 2011-12 की बात है। उस समय मैं बहुत परेशान थी। एक निर्देशक ने कहा कि तुमने एक बूढ़ी औरत का रोल किया है, कोई तुम्हें कास्ट नहीं करेगा, इसलिए ये करो। इसमें बिकिनी पहननी होगी, ये करना होगा। मजबूरी में मैंने 'हां' कह दिया। यह उन डबल-मीनिंग जोक वाली फिल्मों में से थी।"

उन्होंने बताया कि इस किरदार के लिए उन्होंने निर्देशक से एडवांस में पैसे ले लिए थे, लेकिन बाद में किसी ने उन्हें समझाया कि वासेपुर के बाद इस तरह के रोल उनके लिए उचित नहीं हैं।

ऋचा ने कहा, "मुझे भी रोल कुछ समझ में नहीं आ रहा था, इसलिए मैंने मना कर दिया और उनके पैसे भी वापस कर दिए। उस दिन मुझे समझ में आया कि ‘ना’ कहने की ताकत कितनी बड़ी होती है। अगर मैं वह फिल्म कर लेती, तो शायद आज मैं यहां नहीं होती।"

अभिनेत्री ने संजय लीला भंसाली की तारीफ करते हुए कहा, "वह मुझे सबसे मजेदार और प्रभावशाली निर्देशक लगते हैं, उनकी फिल्मों के फ्रेम बहुत खूबसूरत होते हैं।"

ऋचा ने कहा कि यदि आप फिल्म उद्योग में सभी को समान अवसर देते हैं और उनकी काबिलियत होती है, तो वह अंततः रंग लाती है।

Point of View

लेकिन अगर हम सही निर्णय लेते हैं, तो अंततः वह हमें सही दिशा में ले जाता है।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

ऋचा चड्ढा ने कब और क्यों मजबूरी में गलत रोल स्वीकार किया?
ऋचा चड्ढा ने 2011-12 में एक निर्देशक के कहने पर मजबूरी में गलत रोल स्वीकार किया।
'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद ऋचा का अनुभव क्या था?
'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद, ऋचा ने बताया कि उन्हें सही मौके नहीं मिल रहे थे और उन्होंने एक गलत रोल के लिए 'हां' कह दिया।
ऋचा चड्ढा ने किस निर्देशक की तारीफ की?
ऋचा ने संजय लीला भंसाली की तारीफ की और उन्हें एक प्रभावशाली निर्देशक बताया।
ऋचा का मानना क्या है कि फिल्म उद्योग में सफलता कैसे मिलती है?
ऋचा का मानना है कि अगर सबको समान अवसर दिया जाए और काबिलियत हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।
ऋचा चड्ढा ने 'हां' कहने के बाद क्या सीखा?
ऋचा ने सीखा कि 'ना' कहने की ताकत कितनी बड़ी होती है।
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