क्या रिया सेन अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ा सकीं?
सारांश
Key Takeaways
- रिया सेन ने बाल कलाकार के रूप में करियर की शुरुआत की।
- वह अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने में असफल रहीं।
- उनका नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है।
- रिया ने कई सफल फिल्मों में काम किया, लेकिन पहचान नहीं बना पाईं।
- उनका व्यक्तिगत जीवन भी चर्चा का विषय रहा है।
मुंबई, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हर साल हिंदी सिनेमा के बड़े पर्दे पर नए चेहरे आते हैं, लेकिन इनमें से कितने ही अपनी पहचान बना पाते हैं, यह किसी को नहीं पता।रिया सेन एक ऐसी ही अभिनेत्री हैं, जिन्हें अभिनय की विरासत मिली, लेकिन वह अपनी मां मुनमुन सेन और नानी सुचित्रा सेन की तरह सफलता नहीं हासिल कर पाईं।
24 जनवरी को जन्मी रिया सेन ने 15 साल की उम्र में बाल कलाकार के रूप में फिल्म 'विषकन्या' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन हिंदी, तमिल और बंगाली सिनेमा में सफलता नहीं मिली। रिया का नाम फिल्म इंडस्ट्री में उनके विवादों और व्यक्तिगत जीवन के लिए ज्यादा जाना जाता है।
1999 में रिया ने तमिल फिल्म 'ताजमहल' से अपने करियर की शुरुआत की और उसके बाद 'स्टाइल', 'झंकार बीट्स', 'शादी नं. 1' और 'सपना मनी मनी' जैसी फिल्मों में दिखाई दीं। लेकिन ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं। 2005 में उन्हें मलयालम हॉरर फिल्म अनंथाभाद्रम में भी देखा गया। रिया आज भी अपने विवादों के लिए जानी जाती हैं, और कहा जाता है कि वह सेट पर टैंट्रम्स के लिए मशहूर थीं।
रिया का नाम कई बॉलीवुड सितारों और क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ जोड़ा गया, जिसमें जॉन अब्राहम, युवराज सिंह, और अश्मित पटेल शामिल हैं। उनके और जॉन के बीच लंबे समय तक डेटिंग की खबरें आईं, लेकिन दोनों ने अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए अलग रास्ते चुने।