क्या इस शो ने रोहित राउत को अपनी कला पर विश्वास करना सिखाया?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत में संगीत के क्षेत्र में स्वतंत्र कलाकारों की पहचान तेजी से बढ़ रही है। इसी दिशा में एक नया मंच 'आई-पॉपस्टार' ने युवा और प्रतिभाशाली कलाकारों को अपने टैलेंट को देशभर में प्रदर्शित करने का अवसर दिया। छह हफ्तों तक चलने वाले इस रियलिटी शो ने दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान किया, बल्कि कलाकारों की असली कहानियों और भावनाओं को भी उजागर किया।
इस रियलिटी शो का विजेता रोहित राउत बना और वह पहले 'आई-पॉपस्टार' के रूप में पहचाने गए। इस सफलता के साथ उन्हें सात लाख रुपए का नकद पुरस्कार भी मिला। रोहित की मेहनत, उत्साह और मंच पर आत्मविश्वास ने उन्हें दर्शकों और जजों का प्रिय बना दिया। इस जीत ने उनके करियर को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया।
रनर-अप ऋषभ पंचाल ने तीन लाख रुपए का पुरस्कार जीता और पूरे देश में अपनी पहचान बनाई। दर्शकों ने उनकी मेहनत और प्रतिभा की सराहना की।
शो के जज रैपर किंग ने कहा, 'आई-पॉपस्टार' ने साबित कर दिया है कि भारत का पॉप संगीत भविष्य में कैसा होगा - मजबूत, निडर और ईमानदार।'
उन्होंने कहा, 'युवा कलाकारों का मंच प्रदर्शन यह दर्शाता है कि स्वतंत्र संगीत का महत्व कितना बड़ा है। हर कलाकार ने अपने तरीके से कुछ नया और असली पेश किया, जो इस शो को विशिष्ट बनाता है।'
रोहित राउत ने अपने सफर को याद करते हुए कहा, 'जब मैं शो में आया था, तब मुझे एक कलाकार के रूप में खुद को साबित करना था। लेकिन अब, जब मैं विजेता बन गया हूं, तो मुझे अपनी कला पर पूरा विश्वास हो गया है। मैं अपने मेंटर और सिंगर परमिश वर्मा का विशेष धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि उनके बिना यह जीत संभव नहीं थी।'
रोहित ने अपने प्रशंसकों और दर्शकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह जीत उन सभी क्षेत्रीय कलाकारों को समर्पित की, जो अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। साथ ही, रोहित ने अमेजन एमएक्स प्लेयर का भी धन्यवाद किया, जिसने स्वतंत्र कलाकारों को बड़े स्तर पर मंच और अवसर प्रदान किए।