12वाँ शमीम नखत फिक्शन अवार्ड डॉ. सबीहा अनवर को, वकार रिजवी पत्रकारिता सम्मान संजय शर्मा को
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में शुआ फातिमा एजुकेशनल वेलफेयर ट्रस्ट ने घोषणा की है कि प्रसिद्ध फिक्शन लेखिका डॉ. सबीहा अनवर को 12वें शमीम नखत फिक्शन अवार्ड और वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा को वकार रिजवी पत्रकारिता अवार्ड से नवाज़ा जाएगा। दोनों पुरस्कारों का औपचारिक वितरण 1 नवंबर को लखनऊ के प्रतिष्ठित कैफी आजमी अकादमी में आयोजित समारोह में होगा।
जूरी की बैठक और चयन प्रक्रिया
पुरस्कारों के लिए नामों के चयन हेतु जूरी की बैठक केशव नगर स्थित शुआ फातिमा गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित की गई। विशेषज्ञ समिति के सुझावों पर विस्तृत चर्चा के बाद डॉ. सबीहा अनवर और संजय शर्मा के नामों को अंतिम रूप दिया गया।
जूरी में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अब्बास रजा नैयर, खुनखुन जीपीजी कॉलेज की प्रोफेसर रेशमा परवीन, मानू लखनऊ कैंपस की डॉ. इशरत नाहिद, नया दौर के पूर्व संपादक आसिम रजा, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के डॉ. मूसी रजा और यासमीन अंजुमन शामिल रहे।
प्रोफेसर शारिब रुदौलवी को श्रद्धांजलि
बैठक के दौरान सदस्यों ने प्रोफेसर शारिब रुदौलवी के योगदान को भावपूर्ण ढंग से स्मरण किया। जूरी सदस्यों ने एकमत से कहा कि उनके द्वारा स्थापित निष्पक्ष चयन के मानदंडों और परंपरा को इस बार भी पूरी तरह कायम रखा गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष प्रसिद्ध फिक्शन लेखक प्रोफेसर तारिक छतारी को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया था।
समारोह की रूपरेखा
ट्रस्ट के सचिव आसिम रजा के अनुसार, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के संस्थापक एवं चांसलर प्रोफेसर सैयद वसीम अख्तर पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस अवसर पर प्रोफेसर याकूब यावर 'उर्दू फिक्शन पर वैश्विक फिक्शन के प्रभाव' विषय पर शमीम नखत स्मृति व्याख्यान देंगे।
समारोह में अंतर-विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित शमीम नखत कहानी प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अम्मार रिजवी करेंगे, संचालन प्रोफेसर अब्बास रजा नैयर के हाथों होगा और मनीष शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
साहित्य और पत्रकारिता के लिए महत्त्व
यह पुरस्कार उर्दू फिक्शन और हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने की एक दीर्घकालीन परंपरा का हिस्सा है। 1 नवंबर का यह समारोह लखनऊ के साहित्यिक-सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।