क्या सई मांजरेकर ने गणेशोत्सव से जुड़ी अपनी मीठी यादें साझा की हैं?

सारांश
Key Takeaways
- गणेशोत्सव में पारिवारिक बंधन महत्वपूर्ण होते हैं।
- सई मांजरेकर का बचपन का अनुभव उनके लिए खास है।
- घर में मंजीरे के लिए प्रतिस्पर्धा होती थी।
- परिवार के साथ त्योहार मनाना यादगार होता है।
- सई का पेशेवर जीवन उनके पिता की छाया के बिना भी आगे बढ़ रहा है।
मुंबई, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की भव्यता अद्वितीय है। बॉलीवुड के प्रशंसकों की नजर उन सितारों पर होती है जो अपने घर बप्पा को बड़े आदर के साथ लाते हैं। इस संदर्भ में, अभिनेत्री सई मांजरेकर ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। सई ने सलमान खान की फिल्म दबंग-3 से बॉलीवुड में कदम रखा था और वह प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक एवं अभिनेता महेश मांजरेकर की बेटी हैं।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस को बताया, "गणेशोत्सव से जुड़ी कई यादें हैं। हमारे घर में मंजीरे थे, जिसे मराठी में जंजे कहा जाता है। यह आरती के समय बजाए जाते थे। हम 8-9 भाई-बहन थे, लेकिन मंजीरे केवल 5 थे, इसलिए उनके लिए हमेशा झगड़ा होता था। और जिन तीन को मंजीरे नहीं मिलते थे, उन्हें ताली बजानी पड़ती थी। इस वजह से हम खूब लड़ाइयाँ करते थे।"
सई ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि मैं सबसे अधिक गणेश चतुर्थी के 10 दिनों के लिए उत्साहित रहती हूं, क्योंकि इस दौरान मेरा पूरा परिवार एकत्र होता है। घर में हमेशा भीड़ रहती है। हम मिलकर हंसते हैं, खेलते हैं और स्वादिष्ट भोजन बनाते हैं। आरती के समय में हम मस्ती का आनंद लेते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि बचपन से लेकर अब तक गणेश चतुर्थी की सभी यादें मुझे बहुत प्रिय हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता हमेशा उनकी प्रेरणा रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी शॉर्टकट नहीं लिया। इसका मतलब है कि उन्होंने अपने पिता के नाम का लाभ नहीं उठाया।
जब सई ने पहली बार अभिनय करने का निर्णय लिया, तब उनके पिता ने उन्हें समर्थन दिया और कहा कि इसके लिए उन्हें अपनी मेहनत करनी होगी और किसी फिल्म के लिए सिफारिश नहीं करेंगे।
हाल ही में, अभिनेत्री तेलुगु एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘अर्जुन सन ऑफ वैजयंती’ में दिखाई दी थीं। यह फिल्म प्रदीप चिलुकुरी द्वारा निर्देशित है और इसमें नंदमुरी कल्याण राम, विजय शांति, सोहेल खान और श्रीकांत जैसे सितारे भी शामिल हैं। वर्तमान में, सई ने अपनी नई फिल्म की घोषणा नहीं की है।