क्या भाजपा ने कैंडल मार्च निकालकर पीएम मोदी को अपशब्द कहने पर माफी की मांग की?

सारांश
Key Takeaways
- कैंडल मार्च का आयोजन भाजपा द्वारा किया गया।
- प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग निंदनीय है।
- विपक्षी नेताओं से तत्काल माफी की मांग की गई है।
- इस घटना ने राजनीतिक वातावरण को और तूफानी बना दिया है।
- राहुल गांधी की यात्रा पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पटना, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का उपयोग करने से सियासी हलचल तेज हो गई है। इस घटना ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में राजनीतिक गतिविधियों को उकसाया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पटना में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जो भाजपा प्रदेश कार्यालय से सप्तमूर्ति शहीद स्मारक तक गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और विपक्षी नेताओं के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि इंडिया गठबंधन के मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई अभद्र भाषा बेहद निंदनीय है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा, “यह भाषा उस व्यक्ति के लिए प्रयोग की गई है, जो देश के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह लोकतंत्र और नैतिकता पर सीधा हमला है।”
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इस अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए। हमारा यह मार्च विपक्ष को सद्बुद्धि देने के लिए है। बिहार की धरती पर ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यह अपमान न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का भी है।
उन्होंने राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' पर भी हमला किया और कहा कि यह बिहार की जनता पर कोई प्रभाव नहीं डालेगी। बिहार लोकतंत्र की भूमि है, और यहां ऐसी राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। ये लोग अपनी हताशा में अब देश की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की 'अपशब्द यात्रा' सोमवार को समाप्त होने वाली है। मैं उनसे पूछूंगा कि उनके परिवार ने इस देश पर 55 साल राज किया और यहां दूसरे युवराज, उनके माता-पिता ने 15 साल राज किया। राहुल गांधी को गांवों में 24 घंटे बिजली देखी होगी, उस पर चर्चा करनी चाहिए। बिहार में सुशासन है, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को खरोंच तक नहीं आई, लेकिन राहुल गांधी ने बिहार आकर माहौल जरूर खराब किया। जिस तरह से उनके मंच से प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कहे गए, उससे साबित होता है कि ये लोग लोकतंत्र के नहीं, बल्कि राजतंत्र के समर्थक हैं।