क्या सरकार मराठा समुदाय का कानूनी समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है? : योगेश कदम

सारांश
Key Takeaways
- मराठा समुदाय का आरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
- सरकार ने कानूनी समर्थन का आश्वासन दिया है।
- मनोज जरांगे का आंदोलन जारी है।
- सरकार को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
- समुदाय के समर्थन में हजारों लोग जुटे हैं।
खेड़, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा कि सरकार मराठा समुदाय का कानूनी तरीके से समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने मराठा समुदाय को आश्वासन दिया है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार समुदाय का कानूनी तरीके से समर्थन करती है और इस बात पर जोर दिया कि अगर कोई भी फैसला लिया गया तो वह न्यायिक समीक्षा का सामना करेगा।
कदम ने पहले से 10 प्रतिशत आरक्षण मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उचित कानूनी कदम नहीं उठाए गए होते तो अदालत उस फैसले पर रोक लगा सकती थी। उन्होंने आगे कहा कि हम अदालत में उस आरक्षण का बचाव करने में सफल रहे हैं, और इसी तरह अब हम जो भी फैसला लेंगे, वह भी अदालत में टिकने लायक मजबूत होना चाहिए। हम मराठा समुदाय को न्याय दिलाने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। हमारी सरकार की भूमिका इस मामले में आपका पूरा सहयोग और समर्थन करना है।
उल्लेखनीय है कि आंदोलन का नेतृत्व मराठा नेता मनोज जरांगे कर रहे हैं। मराठा आंदोलन रविवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। मनोज जरांगे ने शुक्रवार को अनशन शुरू किया था। वे ओबीसी कोटे से मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग पर अड़े हैं, लेकिन महाराष्ट्र सरकार के साथ उनकी बातचीत अब तक बेनतीजा रही है।
जरांगे ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि वह मराठा समुदाय के धैर्य की परीक्षा न ले। उनके समर्थन में हजारों लोग आजाद मैदान में जुटे हैं, जिससे माहौल में तनाव दिख रहा है।