गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास: 30,000 दर्शक क्षमता, 23 दिसंबर 2027 तक तैयार होगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 17 मई 2025 को गोरखपुर में 'गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम' का विधिवत शिलान्यास किया। ₹100 करोड़ की केंद्रीय स्वीकृति से निर्मित होने वाला यह स्टेडियम 46 एकड़ में फैला होगा और इसकी दर्शक क्षमता 30,000 रखी गई है। इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, सांसद एवं अभिनेता रवि किशन तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल अधिकारी उपस्थित रहे।
स्टेडियम की विशेषताएँ और निर्माण योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास समारोह में बताया कि स्टेडियम में विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। स्टेडियम परिसर के ठीक बगल में 60 एकड़ अतिरिक्त भूमि संरक्षित की गई है, जहाँ एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इस कॉम्प्लेक्स में इनडोर गेम्स, हॉकी, होटल, रेस्टोरेंट और मार्केट की सुविधाएँ होंगी। इसी परिसर में एक वेटनरी कॉलेज का निर्माण भी प्रस्तावित है। स्टेडियम को पूर्णतः तैयार करने की समय सीमा 23 दिसंबर 2027 निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री का संबोधन और खेल नीति का संदर्भ
योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'यह दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौजवानों, आने वाली पीढ़ियों और खेल गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।' उन्होंने केंद्र की खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल कूद प्रतियोगिता जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अभियानों से देश में एक नई खेल संस्कृति विकसित हुई है, जिसका परिणाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बढ़ते पदकों के रूप में सामने आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने खेल नीति बनाकर ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरी दी है। अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों को रोज़गार मिल चुका है, जिनमें ललित उपाध्याय, दीप्ति शर्मा, पारुल चौधरी, प्रवीण कुमार, राज पाल, अर्जुन देशवाल और रिंकू सिंह प्रमुख हैं। साथ ही 500 और खिलाड़ियों की नई भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होने की बात कही गई।
खेल अवसंरचना का व्यापक विस्तार
गौरतलब है कि यह स्टेडियम उत्तर प्रदेश सरकार की व्यापक खेल अवसंरचना योजना का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के हर जिले और हर गाँव में स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य की 18 कमिश्नरी में एक-एक खेल कॉलेज स्थापित करने की योजना है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर एक खेल विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है, जिसका इसी सत्र में उद्घाटन प्रस्तावित है। इसके अलावा वाराणसी में भी एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम निर्माणाधीन है।
वित्तीय सहयोग और सरकारी समन्वय
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री थे, तब राज्य सरकार के अनुरोध पर उन्होंने इस स्टेडियम को स्वीकृति दी थी और ₹100 करोड़ आवंटित किए थे। योगी ने इस सहयोग के लिए पुरी का आभार व्यक्त किया। स्टेडियम निर्माण में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का सहयोग भी शामिल है।
2030 और 2036 के वैश्विक खेल आयोजनों की तैयारी
मुख्यमंत्री ने भविष्य की ओर देखते हुए कहा कि 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होना है और भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी भी प्रस्तुत की है। उनके अनुसार, गोरखपुर जैसे स्टेडियम इन वैश्विक आयोजनों के लिए देश की खेल प्रतिभाओं को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यह स्टेडियम पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जो अब तक विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से वंचित रहे हैं।