गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम: ₹393 करोड़ की लागत, 30,000 दर्शक क्षमता, जानें पूरी खासियत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ₹393 करोड़ की लागत से एक नया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनने जा रहा है, जिसकी आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को रखेंगे। 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान होगा। इसे 23 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्टेडियम की संरचना और क्षमता
46 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस स्टेडियम को 'ग्राउंड प्लस टू फ्लोर' के डिज़ाइन पर तैयार किया जाएगा। पूर्वी स्टैंड और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी, जो मिलकर कुल 30,000 की दर्शक क्षमता बनाती है।
मैदान पर 7 प्लेइंग पिच तैयार की जाएंगी और खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए 4 अतिरिक्त पिच भी होंगी। नॉर्थ पवेलियन में 208 वीआईपी और 382 मीडियाकर्मियों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी, जबकि साउथ पवेलियन में 1,708 वीवीआईपी और वीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था होगी।
अंतरराष्ट्रीय मानकों से लैस सुविधाएँ
रात्रिकालीन मुकाबलों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार हाई मास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। क्रिकेट के अलावा इस स्टेडियम में अन्य खेल प्रतियोगिताओं और बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना है, जिससे यह एक बहुउद्देशीय खेल परिसर बन सकेगा।
कनेक्टिविटी के लिहाज़ से यह स्टेडियम सुविधाजनक स्थान पर होगा — गोरखपुर एयरपोर्ट से इसकी दूरी 24 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर होगी। यह स्टेडियम गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन राजमार्ग से भी सीधे जुड़ा होगा।
फंडिंग: सीएसआर से ₹100 करोड़ का योगदान
स्टेडियम निर्माण के लिए शीर्ष पेट्रोलियम कंपनियाँ अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड से कुल ₹100 करोड़ का योगदान देंगी। इसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ₹60 करोड़, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ₹30 करोड़ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी (HPCL) ₹10 करोड़ देगी।
उत्तर प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान
फिलहाल उत्तर प्रदेश में कानपुर का ग्रीन पार्क स्टेडियम और लखनऊ का भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल मैचों की मेज़बानी करते हैं। गोरखपुर स्टेडियम के बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश को पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेज़बानी का अवसर मिलेगा, जो इस क्षेत्र के खेल अवसंरचना विकास में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव होगा।