27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गोरखपुर को मिलेगा सोलर सिटी का दर्जा, ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स पार्क और लखनऊ में मेगा प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गोरखपुर को मिलेगा सोलर सिटी का दर्जा, ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स पार्क और लखनऊ में मेगा प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

सारांश

उत्तर प्रदेश की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें गोरखपुर को सोलर सिटी बनाना, ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स पार्क और लखनऊ में मेगा प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

मुख्य बातें

गोरखपुर को सोलर सिटी का दर्जा ग्रेटर नोएडा में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क लखनऊ में कन्वेंशन सेंटर का निर्माण फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना औद्योगिक शेड्स योजना-2026

लखनऊ, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा, औद्योगिक विकास और शहरी बुनियादी ढांचे के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाते हुए, ग्रेटर नोएडा में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना और लखनऊ में कन्वेंशन सेंटर, ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और फ्लाईओवर निर्माण जैसी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने गोरखपुर में 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट को मंजूरी दी है, जो चिलुआताल में स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना लगभग 80 एकड़ जल क्षेत्र का उपयोग करेगी और पर्यटन विभाग की 28 एकड़ भूमि कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) को निःशुल्क प्रदान की जाएगी। यह प्लांट सालाना करीब 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन करेगा, जिससे शहर की पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

सोलर सिटी मानकों के अनुसार, गोरखपुर को अगले पांच वर्षों में ऊर्जा मांग का कम से कम 10 प्रतिशत अक्षय स्रोतों से पूरा करना होगा। ऊर्जा क्षेत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, पछवारा साउथ कोल ब्लॉक के विकास को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की लागत लगभग 2242.90 करोड़ रुपये है, जिसके माध्यम से नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (NUPPL) को कोयला उपलब्ध होगा। इससे कानपुर नगर स्थित घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना में बिजली उत्पादन की लागत में कमी आएगी।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 'उत्तर प्रदेश मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति-2024' के तहत ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ भूमि पर मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसमें न्यूनतम 1000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली इकाइयों को 30 प्रतिशत फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी दी जाएगी।

इस परियोजना के लिए भूखंड आवंटन के लिए ई-नीलामी मॉडल अपनाया जाएगा और इसे सात वर्षों में पूरा करना अनिवार्य होगा। यह पार्क प्रदेश में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी क्रम में, कैबिनेट ने 'प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना-2026' को भी मंजूरी दी है, जिसमें उद्योगों को पहले से तैयार बुनियादी ढांचे वाले शेड्स प्रदान किए जाएंगे।

राजधानी लखनऊ के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वृन्दावन योजना सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर की संशोधित लागत 1,435.25 करोड़ रुपये मंजूर की गई है। इस अत्याधुनिक केंद्र में 10,000 लोगों की क्षमता वाला हॉल और 2,500 लोगों का ऑडिटोरियम होगा।

इसके अतिरिक्त, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के तहत रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, दुबग्गा चौराहे पर 1.8 किलोमीटर लंबे तीन लेन के फ्लाईओवर के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत 305.31 करोड़ रुपये है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ऊर्जा, औद्योगिक विकास और शहरी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेगा। गोरखपुर की सोलर सिटी पहल और ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोरखपुर को सोलर सिटी का दर्जा कब मिलेगा?
गोरखपुर को सोलर सिटी का दर्जा अगले पांच वर्षों में मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना कब होगी?
ग्रेटर नोएडा में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लखनऊ में कौन-कौन से मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है?
लखनऊ में कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज संरक्षण और फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी मिली है।
फ्लोटिंग सोलर प्लांट का क्या महत्व है?
फ्लोटिंग सोलर प्लांट से हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
क्या यह परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास में सहायक होंगी?
हाँ, ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले