गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन: योगी बोले — माफिया मुक्त यूपी बना खेल और रोजगार का केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2026 को गोरखपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के प्रथम चरण के भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को माफिया, दंगे और अराजकता से मुक्त कर विकास, खेल और रोजगार के नए मॉडल की ओर ले जाया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश सरकार अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरियाँ दे चुकी है।
माफिया मुक्त भूमि पर खेल परिसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जिस भूमि पर यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाया जा रहा है, वह पाँच वर्ष पहले तक उपेक्षित थी और अवैध कब्जों से घिरी हुई थी। सरकार ने उस जमीन को कब्जामुक्त कराकर अब उसे युवाओं के भविष्य को संवारने वाले बड़े खेल परिसर के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया है। उनके अनुसार, सरकारी भूमि का उपयोग केवल लोककल्याण और विकास परियोजनाओं के लिए होना चाहिए।
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियाँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुलिस, प्रशासन और अन्य सरकारी विभागों में नियुक्तियाँ दी गई हैं। उन्होंने दीप्ति शर्मा, पारुल चौधरी और प्रवीण कुमार सहित अन्य खिलाड़ियों का नाम लेते हुए बताया कि उन्हें उनकी उपलब्धियों के आधार पर विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने 500 और खिलाड़ियों की नई भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की है।
विपक्ष पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बाँटते हैं, वे कभी जनता के हितैषी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को माफिया मुक्त, गुंडा मुक्त, दंगा मुक्त और कर्फ्यू मुक्त बनाया है, और इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश तेज़ी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
ऊर्जा संकट और केंद्र सरकार की सराहना
मुख्यमंत्री ने वैश्विक पेट्रोलियम संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ऊर्जा अनिश्चितता से जूझ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के प्रबंधन के चलते भारत में आम जनता को राहत देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों और मंत्रालय पर दबाव के बावजूद पिछले दो महीनों में प्रभावी प्रबंधन किया गया, जिसके लिए उत्तर प्रदेश की जनता केंद्र सरकार का अभिनंदन करती है।
आगे की राह
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का यह भूमिपूजन उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद के साथ, यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए एक नई संभावना का द्वार खोलती है।