क्या 'परिणीता' में शेखर रॉय का किरदार निभाना सैफ अली खान के लिए बड़ी चुनौती थी?

सारांश
Key Takeaways
- सैफ अली खान का किरदार चुनौतीपूर्ण था।
- फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित है।
- विद्या बालन के साथ काम करना अद्भुत अनुभव रहा।
- फिल्म की री-रिलीज ने इसे नई पहचान दी।
- प्रदीप सरकार की निर्देशन क्षमता की सराहना।
मुंबई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक प्रदीप सरकार की फिल्म 'परिणीता' को रिलीज हुए 20 वर्ष हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर इस फिल्म को फिर से री-रिलीज किया गया है। यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के 1914 के प्रतिष्ठित बंगाली उपन्यास पर आधारित है। इस फिल्म में विद्या बालन और सैफ अली खान की जोड़ी दिखाई दी थी।
सैफ अली खान ने 'परिणीता' में शेखर रॉय का किरदार निभाया था। यह एक ऐसा किरदार था जिसे पहले किसी ने नहीं निभाया था। उनके लिए यह एक चुनौती का सामना करने जैसा था। अपने किरदार को याद करते हुए सैफ अली खान ने कहा, "जब मैंने परिणीता की थी, तब मुझे जो भूमिकाएँ ऑफर होती थीं, यह उनसे बिल्कुल अलग थी। शेखर का किरदार निभाना एक चुनौती थी क्योंकि वह आम रोमांटिक हीरो नहीं था जैसा मैं निभाता आया था, बल्कि वह कमियों से भरा था, कभी-कभी मुश्किल और कमजोर भी था और उसकी यात्रा खुद की खोज की थी।
उन्होंने आगे कहा, "इसने मुझे एक अभिनेता के रूप में एक अधिक बारीक दायरे में कदम रखने का मौका दिया, और मुझे यह बेहद संतोषजनक लगा। यह शरत चंद्र के उपन्यास पर आधारित एक क्लासिक भूमिका थी। यह एक ऐसा अभिनय था जिसमें मैंने किरदार की शान को बढ़ाया। मुझे उस फिल्म में अपना काम बहुत पसंद है।"
फिल्म से उन्होंने प्रदीप सरकार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के हर फ्रेम में आप उन्हें महसूस कर सकते हैं। विद्या बालन के साथ काम करना बहुत अद्भुत अनुभव रहा। अपनी पहली फिल्म के हिसाब से वे बहुत शानदार रहीं। यह फिल्म उनकी प्रतिभा का प्रमाण है।
इसके अलावा फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा के बारे में बात करते हुए सैफ अली खान ने कहा, "मुझे यह भूमिका देने के लिए विनोद चोपड़ा का धन्यवाद, वह एक अद्भुत निर्माता हैं।"
सैफ ने कहा कि पूरी कास्ट से लेकर फिल्म की पूरी टीम ने कमाल का काम किया था। तभी यह आज भी दर्शकों के दिलों में बसती है।