शबाना आजमी ने 'फायर' की स्पेन रिलीज की यादें की ताज़ा, दीपा मेहता व नंदिता दास संग पुरानी तस्वीर वायरल
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपनी चर्चित फिल्म 'फायर' की स्पेन में रिलीज के दौरान बिताए पलों को याद करते हुए एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इस तस्वीर में वे फिल्म की निर्देशक दीपा मेहता और सह-अभिनेत्री नंदिता दास के साथ नज़र आ रही हैं। तीनों महिलाएँ तस्वीर में खुशनुमा मुद्रा में कैमरे के सामने मुस्कुराती दिख रही हैं।
इंस्टाग्राम पर साझा की यादगार तस्वीर
शबाना ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह पुरानी तस्वीर पोस्ट की। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'दीपा मेहता और नंदिता दास के साथ। स्पेन में फायर की रिलीज के दौरान खूब मस्ती की।' यह पोस्ट जल्द ही प्रशंसकों के बीच वायरल हो गई।
अप्रैल में भी हुई थी तिकड़ी की पुनर्मिलनी
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल में भी शबाना आजमी, दीपा मेहता और नंदिता दास एक साथ नज़र आई थीं। उस मौके पर शेयर की गई तस्वीर में शबाना और दीपा दोनों काले कपड़ों में एक जैसे दुपट्टे पहने हुए थीं, जबकि नंदिता ने पीली साड़ी पहनी थी। नंदिता दोनों के बीच खड़ी होकर उन्हें गले से लगाए हुए थीं। शबाना ने उस पोस्ट में मज़ाकिया अंदाज़ में लिखा था, 'दीपा मेहता और मैंने बिल्कुल एक जैसे दुपट्टे पहने हैं, यह तो बस एक इत्तेफाक है। शुक्र है कि नंदिता दास ने पीले रंग के कपड़े पहने हैं।'
'फायर' — एक ऐतिहासिक फिल्म की पृष्ठभूमि
'फायर' वर्ष 1996 में प्रदर्शित हुई थी और यह निर्देशक दीपा मेहता की प्रसिद्ध 'एलिमेंट्स' ट्रिलॉजी की पहली कड़ी है। इस त्रयी में 'अर्थ' (1998) और 'वॉटर' (2005) भी शामिल हैं। माना जाता है कि फिल्म की कहानी लेखिका इस्मत चुगताई की 1942 की कहानी 'लिहाफ' से प्रेरित है।
इसे मुख्यधारा की उन शुरुआती हिंदी फिल्मों में गिना जाता है जिनमें समलैंगिक संबंधों को खुलकर दर्शाया गया। फिल्म के प्रदर्शित होने के बाद इसका व्यापक विरोध हुआ, जिसने समलैंगिकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे संवेदनशील विषयों पर सार्वजनिक बहस को जन्म दिया।
फिल्म की तकनीकी टीम
'फायर' का निर्माण 'कैलिडोस्कोप एंटरटेनमेंट' और 'ट्रायल बाय फायर फिल्म्स' के बैनर तले हुआ था। फिल्म का संगीत ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने दिया, सिनेमैटोग्राफी जाइल्स नटजेन्स ने संभाली और एडिटिंग बैरी फैरेल ने की।
यादों से जीवित है 'फायर' की विरासत
तीन दशक बाद भी 'फायर' की टीम का यह लगाव दर्शाता है कि इस फिल्म ने न केवल सिनेमाई इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी, बल्कि इसकी कलाकारों के दिलों में भी एक विशेष स्थान बना रखा है। आने वाले समय में इस ट्रिलॉजी की 30वीं वर्षगाँठ पर नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच इन फिल्मों की पुनः चर्चा होने की संभावना है।