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क्या शेखर सुमन छोटे और बड़े पर्दे के ‘कॉमेडी किंग’ बन गए हैं?

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क्या शेखर सुमन छोटे और बड़े पर्दे के ‘कॉमेडी किंग’ बन गए हैं?

सारांश

शेखर सुमन, भारतीय टेलीविजन और फिल्म के क्षेत्र में एक चमकता सितारा बन चुके हैं। उनके अनूठे कॉमेडी अंदाज ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया है। आइए जानते हैं उनके जीवन और करियर की अनकही कहानियाँ।

मुख्य बातें

शेखर सुमन का जन्म 7 दिसंबर 1962 को हुआ।
उन्होंने अभिनय में कई सफलताएँ हासिल की हैं।
टीवी शो ' देख भाई देख ' से प्रसिद्धि मिली।
उन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं।
उनका निजी जीवन भी कई संघर्षों से भरा रहा है।

मुंबई, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। शेखर सुमन भारतीय मनोरंजन जगत के एक प्रमुख नाम हैं। उन्होंने न केवल बड़े पर्दे पर बल्कि छोटे पर्दे पर भी दर्शकों का दिल जीतने में अद्भुत सफलता हासिल की है। उनके अभिनय और होस्टिंग के अनोखे अंदाज के चलते उन्हें कई बार कॉमेडी का बादशाह कहा गया है। विशेष रूप से उनके टीवी शो 'देख भाई देख' और 'मूवर्स एन शेकर्स' ने उन्हें हर घर में एक प्रिय चेहरा बना दिया।

उनकी टाइमिंग और हावभाव की प्रशंसा सभी उम्र के दर्शकों द्वारा की जाती है। शेखर सुमन ने अपने प्रयास और धैर्य के बल पर सफलता की ऊंचाइयों को छुआ है।

शेखर सुमन का जन्म 7 दिसंबर 1962 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। बचपन से ही उनके मन में अभिनय और कला के प्रति गहरी रुचि थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने अभिनय को अपने करियर के रूप में चुना और मुंबई चले आए। शुरुआत में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्हें काम नहीं मिल रहा था और आर्थिक समस्याएं बढ़ रही थीं, लेकिन उन्होंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा।

उन्होंने बॉलीवुड में 1984 में अपनी पहली फिल्म 'उत्सव' से कदम रखा, जिसमें उन्होंने रेखा के साथ अभिनय किया। यह फिल्म उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसी से उन्हें उद्योग में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया, जैसे 'मानव हत्या', 'नाचे मयूरी', 'संसार', 'त्रिदेव', 'पति परमेश्वर', 'रणभूमि', 'चोर मचाए शोर', 'एक से बढ़कर एक', और 'भूमि'। फिल्मों में उनकी अभिनय की हमेशा सराहना हुई, लेकिन उन्हें जो लोकप्रियता टीवी से मिली, वह अद्वितीय थी।

उनका टीवी करियर 1984 में शुरू हुआ, जब वह 'वाह! जनाब' में दिखाई दिए। यह शो दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ और दर्शकों ने इसे अत्यधिक सराहा। उन्हें असली पहचान टीवी कॉमेडी शो 'देख भाई देख' से मिली, जहाँ उनके अभिनय की टाइमिंग और हावभाव ने सभी को मोहित कर दिया। इसके बाद उन्होंने 'मूवर्स एन शेकर्स', 'सिंपली शेखर' और 'कैरी ऑन शेखर' जैसे कई सफल शो किए। इन शो में उनकी कॉमेडी और मजेदार अंदाज को दर्शक हमेशा याद करते हैं।

उन्होंने टीवी शो होस्टिंग में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 'द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो', 'झलक दिखला जा', 'कॉमेडी सुपरस्टार', और कई अन्य रियलिटी शो होस्ट किए। दर्शकों ने उन्हें न केवल एक अच्छे अभिनेता के रूप में बल्कि एक उत्कृष्ट होस्ट के रूप में भी देखा। उनका अंदाज सहज और दर्शकों से जुड़ने वाला रहा।

उनका निजी जीवन भी काफी रोचक और संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने 1983 में फिल्म निर्माता अल्का सुमन से शादी की। उनके दो बेटे अध्ययन सुमन और आयुष हैं। अध्ययन ने भी फिल्म उद्योग में कदम रखा, लेकिन बड़े पर्दे पर अपने पिता जैसी पहचान नहीं बना पाए। शेखर और उनकी पत्नी के लिए सबसे बड़ा दुख उनके बेटे आयुष का 11 साल की उम्र में बीमारी के कारण असामयिक निधन था। इस दुख के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने करियर में पीछे नहीं हटे और हमेशा मेहनत करते रहे।

शेखर सुमन को उनके करियर के दौरान कई पुरस्कार मिले। उन्होंने 'मूवर्स एन शेकर्स' के लिए आईटीए अवार्ड जीता और 'कैरी ऑन शेखर' के लिए इंडियन टेली अवार्ड भी प्राप्त किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

शेखर सुमन का करियर भारतीय मनोरंजन के लिए एक प्रेरणा है। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि कैसे मेहनत और धैर्य से किसी भी क्षेत्र में ऊंचाई हासिल की जा सकती है। उनका प्रभाव न केवल कॉमेडी तक सीमित है, बल्कि दर्शकों के दिलों में एक खास जगह भी रखता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेखर सुमन का जन्म कब हुआ?
उनका जन्म 7 दिसंबर 1962 को पटना, बिहार में हुआ था।
शेखर सुमन की प्रमुख टीवी शोज़ कौन से हैं?
उनके प्रमुख टीवी शोज़ में 'देख भाई देख', 'मूवर्स एन शेकर्स', और 'कैरी ऑन शेखर' शामिल हैं।
क्या शेखर सुमन ने फिल्में भी की हैं?
हाँ, उन्होंने 'उत्सव', 'मानव हत्या', और 'त्रिदेव' जैसी कई फिल्मों में काम किया है।
शेखर सुमन को कौन से पुरस्कार मिले हैं?
उन्हें 'मूवर्स एन शेकर्स' के लिए आईटीए अवार्ड और 'कैरी ऑन शेखर' के लिए इंडियन टेली अवार्ड प्राप्त हुए हैं।
शेखर सुमन का निजी जीवन कैसा रहा?
उनका निजी जीवन संघर्षपूर्ण रहा है, खासकर उनके बेटे आयुष के असामयिक निधन के बाद।
राष्ट्र प्रेस
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