क्या एक्टर शिवकार्तिकेयन की फिल्म 'पराशक्ति' ने फैंस का दिल जीत लिया?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म का नाम: पराशक्ति
- रिलीज़ की तारीख: 10 जनवरी
- निर्देशक: सुधा कोंगारा
- मुख्य अभिनेता: शिवकार्तिकेयन, जयम रवि, अथर्व, श्रीलीला
- विषय: 1965 का हिंदी विरोधी आंदोलन
चेन्नई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण भारतीय अभिनेता शिवकार्तिकेयन की 25वीं तमिल फिल्म पराशक्ति आज, शनिवार को विश्वभर में प्रदर्शित हो गई। तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर फैंस शिवकार्तिकेयन के प्रति अपना स्नेह व्यक्त कर रहे हैं। कुछ फैंस ने उनके पोस्टर पर दूध से अभिषेक किया, तो कुछ ने उन्हें भगवान की तरह पूजा की।
फिल्म पराशक्ति अब सिनेमाघरों में उपलब्ध है और दर्शकों की भीड़ सुबह से ही टिकट खरीदने के लिए लाइन में खड़ी है। कई फैंस बैंड-बाजे के साथ आए और नाचते-गाते जश्न मनाते नजर आए।
कुछ फैंस को शिवकार्तिकेयन के पोस्टर की पूजा करते हुए देखा गया, जबकि कुछ ने दूध की केनों को पोस्टर पर चढ़ाया। रिलीज के दिन फैंस ने फिल्म के प्रति अपने प्रेम का इज़हार किया है।
कासी थिएटर के मालिक सुब्रमणियन ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि फिल्म को कई स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया है और सुबह से ही फैंस का शानदार प्रतिक्रिया मिल रहा है, जिसके कारण शो हाउसफुल हो रहे हैं। पराशक्ति का निर्देशन सुधा कोंगारा ने किया है। फिल्म में जयम रवि, अथर्व और श्रीलीला भी शामिल हैं।
फिल्म को शुक्रवार को सेंसर बोर्ड से 25 कट के बाद मंजूरी मिली थी। फिल्म से अनावश्यक और हिंसा वाले दृश्यों तथा आपत्तिजनक संवाद को हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रसिद्ध राजनेता सीएन अन्नादुरई द्वारा प्रसिद्ध वाक्य 'थी परवट्टम', अर्थात् 'आग को फैलने दो', को फिल्म से हटा दिया गया है।
यह फिल्म 1965 के हिंदी विरोधी आंदोलन पर आधारित है। फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। दर्शकों का कहना है कि फिल्म का पहला भाग नीरस और लंबा है, जबकि दूसरा भाग तेजी से गुजरता है और बोरियत नहीं महसूस होती।