क्या 'थर्सडे स्पेशल' पर शूजित सरकार की प्रतिक्रिया ने हमें 'शू बाइट' की याद दिलाई?

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क्या 'थर्सडे स्पेशल' पर शूजित सरकार की प्रतिक्रिया ने हमें 'शू बाइट' की याद दिलाई?

सारांश

शूजित सरकार ने 'थर्सडे स्पेशल' पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें बुजुर्ग दंपति के जीवन को संवेदनशीलता से दर्शाया गया है। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है और यह प्यार और साझेदारी के महत्व को उजागर करती है।

Key Takeaways

  • फिल्म की कहानी बुजुर्ग दंपति के रिश्ते पर आधारित है।
  • संवेदनशीलता से भरी कहानी दर्शकों को प्रभावित करती है।
  • अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि है।
  • प्यार और साझेदारी का महत्व कहानी में प्रमुखता से दिखाया गया है।
  • शूजित सरकार की प्रतिक्रिया ने फिल्म को और भी खास बना दिया है।

मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिल्मों के क्षेत्र में अक्सर ऐसी कहानियां नजरअंदाज हो जाती हैं, जो हमारे दैनिक जीवन में गहराई और संवेदनशीलता से भरी होती हैं। ‘थर्सडे स्पेशल’ इसी तरह की एक कहानी है, जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता वरुण टंडन ने निर्देशित किया है। यह शॉर्ट फिल्म एक बुजुर्ग दंपति के जीवन और उनके प्यार को बेहद जीवंत और सटीक तरीके से पेश करती है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है और इसने कई पुरस्कार जीते हैं।

फिल्म का निर्माण बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक शूजित सरकार और विक्रमादित्य मोटवाने ने किया है। शूजित सरकार 'पीकू', 'विक्की डोनर' और 'अक्टूबर' जैसी सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस फिल्म की तुलना अपनी आगामी फिल्म ‘शू बाइट’ से की, जिसमें अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं।

शूजित सरकार ने कहा, ''इस फिल्म ने मुझे 'शू बाइट' की याद दिला दी। वरुण ने बुढ़ापा और प्यार को बड़ी संवेदनशीलता के साथ दिखाया है। फिल्म की कहानी भावनाओं से भरी हुई है। इसमें अभिनय, निर्देशन, कैमरा और सेट डिजाइन जैसी हर चीज़ कहानी को सही तरीके से पेश करने में मदद कर रही है।''

उन्होंने आगे कहा, ''इस फिल्म से जुड़ना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इसकी सादगी और मजबूत कहानी ने मुझे गहराई से प्रभावित किया।''

फिल्म की कहानी बुजुर्ग दंपति राम और शकुंतला के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके रिश्ते की नींव उनका खाने का शौक और हर गुरुवार की परंपरा है। यह फिल्म दर्शकों को यह दिखाती है कि कैसे छोटे-छोटे जीवन के नियम और आदतें एक रिश्ते में प्यार और मजबूती ला सकती हैं। यह न केवल भावनाओं से जुड़ी है, बल्कि जीवन के हर कदम में साथी और समझ की महत्ता को भी बताती है।

विक्रमादित्य मोटवाने ने फिल्म के बारे में कहा, ''हम अक्सर बड़े और ग्लैमरस विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन साधारण जीवन में भी बहुत सारी अनकही और अनसुनी कहानियां होती हैं। ये बेहद भावनात्मक होती हैं। फिल्म देखने के बाद दर्शक न केवल अभिनय की तारीफ करेंगे, बल्कि इसके भावनात्मक संदेश पर भी चर्चा करेंगे।''

‘थर्सडे स्पेशल’ ने अब तक अंतरराष्ट्रीय मंच पर 25 से अधिक पुरस्कार जीते हैं। इनमें न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट नैरेटिव शॉर्ट, एडिलेड इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म और ट्रायॉन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट नैरेटिव शॉर्ट शामिल हैं। इसे सर्बिया के कुस्टेनडॉर्फ फिल्म फेस्टिवल 2025 में मोस्ट पोएटिक फिल्म का अवॉर्ड भी मिला।

Point of View

जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे छोटी-छोटी बातें भी रिश्तों में प्यार और मजबूती ला सकती हैं।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

‘थर्सडे स्पेशल’ का मुख्य विषय क्या है?
यह फिल्म बुजुर्ग दंपति के जीवन और उनके प्यार की कहानी को दर्शाती है।
फिल्म को कितने पुरस्कार मिले हैं?
फिल्म ने अब तक अंतरराष्ट्रीय मंच पर 25 से अधिक पुरस्कार जीते हैं।
'थर्सडे स्पेशल' का निर्देशक कौन है?
'थर्सडे स्पेशल' का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता वरुण टंडन ने किया है।
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