नाटक 'नकाब' में नवाजुद्दीन का माइक बंद हुआ तो श्रुति देशपांडे ने संभाला स्टेज, बोलीं — 'थिएटर में हर पल खुद ही हल निकालना पड़ता है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री श्रुति देशपांडे ने नाटक 'नकाब' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और उनकी बेटी शोरा सिद्दीकी के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए हैं। श्रुति ने बताया कि इस सफर में उन्होंने सबसे अहम सीख 'प्रेजेंस ऑफ माइंड' — यानी किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में तत्काल और संतुलित निर्णय लेने की कला — नवाजुद्दीन के साथ काम करते हुए सीखी।
शिकागो शो का वह नाज़ुक लम्हा
श्रुति ने शिकागो में हुए एक शो का किस्सा साझा करते हुए बताया कि उस दिन थिएटर में करीब एक हज़ार दर्शक मौजूद थे। परफॉर्मेंस के बीच अचानक नवाजुद्दीन सिद्दीकी का माइक्रोफोन खराब हो गया और दर्शकों तक उनकी आवाज़ पहुँचनी बंद हो गई। हॉल में शोर-शराबा शुरू हो गया।
श्रुति के अनुसार, नवाजुद्दीन ने अपनी आवाज़ का प्रोजेक्शन बढ़ाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन किसी भी अभिनेता की आवाज़ एक सीमा से अधिक ऊँची नहीं हो सकती। ऐसे में बाकी कलाकारों ने भी अपनी आवाज़ का वॉल्यूम समायोजित कर टीम के तौर पर मदद की।
श्रुति ने क्यों उठाई जिम्मेदारी
श्रुति ने कहा, 'चूँकि यह नवाजुद्दीन का पहला थिएटर अनुभव था और मैं कई वर्षों से स्टेज पर काम कर रही थी, इसलिए मुझे पता था कि उस क्षण जिम्मेदारी मुझे लेनी होगी।' उन्होंने बताया कि उन्होंने कुछ हद तक इम्प्रोवाइज़ किया, तकनीकी रुकावट और उस छोटे ब्रेक को सँभाला और इसके बाद परफॉर्मेंस फिर से शुरू हो गई।
थिएटर और फिल्म का बुनियादी फ़र्क
श्रुति ने थिएटर और फिल्म के काम करने के तरीके में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि स्क्रीन पर कोई सीन गलत हो जाए तो उसे दोबारा शूट किया जा सकता है, लेकिन स्टेज पर यह विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा, 'वहाँ कलाकार को दर्शकों के सामने ही हर स्थिति का सामना करना पड़ता है और उसी पल उसका हल भी निकालना पड़ता है।'
शोरा सिद्दीकी से बनी खास बॉन्डिंग
नाटक के दौरान श्रुति और शोरा सिद्दीकी के बीच गहरा रिश्ता बना। श्रुति ने बताया, 'धीरे-धीरे शोरा मेरे लिए छोटी बहन जैसी बन गईं।' उन्होंने बताया कि शोरा दुबई में पली-बढ़ी हैं और शुरुआत में हिंदी को समझने और बोलने पर काम कर रही थीं, लेकिन बाद में उन्होंने स्टेज पर पूरा मोनोलॉग भी किया।
शोरा की अभिनय क्षमता को लेकर श्रुति ने कहा कि जिस तरह नवाजुद्दीन अपने हर किरदार में कुछ नया और अलग लेकर आते हैं, वैसी ही अनूठी क्षमता उन्हें शोरा में भी दिखती है — और उन्होंने शोरा को एक 'यूनिक एक्टर' बताया। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में शोरा अपने करियर को किस दिशा में ले जाती हैं।