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सनी देओल की 'बंटवारा 1947' का टीजर रिलीज, विभाजन की दर्दनाक दास्तान और नफरत के खिलाफ जंग की झलक

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सनी देओल की 'बंटवारा 1947' का टीजर रिलीज, विभाजन की दर्दनाक दास्तान और नफरत के खिलाफ जंग की झलक

सारांश

'बंटवारा 1947' सिर्फ एक पीरियड फिल्म नहीं — यह 1947 के दर्द को आज की ज़ुबान में कहने की कोशिश है। आमिर खान, ए. आर. रहमान और जावेद अख्तर की 'लगान' वाली तिकड़ी की वापसी और पाकिस्तान में प्रतिबंध ने इसे 14 अगस्त से पहले ही चर्चा का केंद्र बना दिया है।

मुख्य बातें

सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' का 57 सेकंड का टीजर 18 जुलाई को रिलीज हुआ।
फिल्म 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म 'लगान' के बाद पहली बार आमिर खान , ए.
रहमान और जावेद अख्तर एक साथ किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
निर्देशक राजकुमार संतोषी और सनी देओल करीब तीन दशकों बाद फिर साथ आए हैं।
कथित तौर पर फिल्म को पाकिस्तान में प्रतिबंधित किया गया है।
कास्ट में शबाना आजमी , प्रीति जिंटा , करण देओल , अली फज़ल और अभिमन्यु सिंह शामिल हैं।

सनी देओल अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बंटवारा 1947' का टीजर 18 जुलाई, शनिवार को रिलीज किया गया, जिसमें 1947 के भारत-विभाजन की त्रासदी और उस दौर की हिंसा को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। 57 सेकंड के इस टीजर में हाई-वोल्टेज ड्रामा के साथ-साथ उस युग की पीड़ा और इंसानियत की जंग की झलक मिलती है।

टीजर में क्या दिखा

57 सेकंड के इस टीजर में 1940 के दशक के उथल-पुथल भरे माहौल को जीवंत किया गया है। सनी देओल एक ऐसे निडर व्यक्ति के किरदार में नज़र आ रहे हैं जो अपने परिवार की रक्षा के लिए हर मुश्किल से टकराता है। टीजर यह भी दर्शाता है कि विभाजन के उन काले दिनों में किस तरह लोग क्रोध और नफरत में अंधे हो गए थे — और कैसे एक शख्स ने हिम्मत और इंसानियत को चुना।

फिल्म की पृष्ठभूमि और स्टार कास्ट

यह फिल्म 1940 के दशक की उस दर्दनाक दास्तान को पर्दे पर उतारती है जब बंटवारे ने लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ हमेशा के लिए बदल दी थीं। डर, विस्थापन और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा के बीच यह फिल्म एक ऐसे इंसान की कहानी है जिसने नफरत के बजाय साहस का रास्ता चुना।

फिल्म में सनी देओल के साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, करण देओल, अली फज़ल और अभिमन्यु सिंह अहम भूमिकाओं में हैं। उल्लेखनीय है कि फिल्म 'लगान' के बाद पहली बार आमिर खान, ए. आर. रहमान और जावेद अख्तर की ब्लॉकबस्टर तिकड़ी एक बार फिर एक साथ किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।

निर्देशक और निर्माता की वापसी

फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जो करीब तीन दशकों बाद सनी देओल के साथ फिर से काम कर रहे हैं — यह जोड़ी अपनी पिछली फिल्मों से दर्शकों के बीच खासी लोकप्रिय रही है। फिल्म को आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने प्रोड्यूस किया है।

रिलीज और पाकिस्तान में प्रतिबंध

फिल्म 14 अगस्त को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी — स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह रिलीज तारीख बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के लिए अनुकूल साबित हो सकती है। कथित तौर पर फिल्म को पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे दर्शकों में इसके प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि भारतीय और वैश्विक दर्शक इस ऐतिहासिक कथा को किस तरह स्वीकार करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या सिर्फ नायक-खलनायक के ढाँचे में समेट देती है। पाकिस्तान में प्रतिबंध ने भारत में इसकी चर्चा ज़रूर बढ़ा दी है, लेकिन यह प्रतिबंध ही फिल्म की गुणवत्ता का पैमाना नहीं है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बंटवारा 1947' फिल्म कब रिलीज होगी?
फिल्म 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह तारीख बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के लिए अनुकूल मानी जा रही है।
'बंटवारा 1947' में कौन-कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ शबाना आजमी , प्रीति जिंटा , करण देओल , अली फज़ल और अभिमन्यु सिंह अहम किरदारों में नज़र आएंगे।
क्या 'बंटवारा 1947' को पाकिस्तान में बैन किया गया है?
कथित तौर पर फिल्म को पाकिस्तान में प्रतिबंधित किया गया है, हालाँकि इसके आधिकारिक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। इस प्रतिबंध ने भारत में फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
फिल्म 'लगान' से 'बंटवारा 1947' का क्या संबंध है?
'लगान' के बाद पहली बार आमिर खान , ए. आर. रहमान और जावेद अख्तर की तिकड़ी एक साथ इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है।
'बंटवारा 1947' किस विषय पर आधारित है?
यह फिल्म 1947 के भारत-विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह उस दौर की हिंसा, विस्थापन और पीड़ा के बीच एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने नफरत के बजाय साहस और इंसानियत को चुना।
राष्ट्र प्रेस
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