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क्या स्वाति मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज में छठ गीत रिलीज किया?

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क्या स्वाति मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज में छठ गीत रिलीज किया?

सारांश

छठ पर्व के अवसर पर स्वाति मिश्रा ने एक नया गीत रिलीज किया है, जो न केवल छठ की महिमा को दर्शाता है, बल्कि मां-बेटे के रिश्ते की गहराई को भी उजागर करता है। इस गीत के माध्यम से स्वाति ने भावनाओं का एक नया आयाम प्रस्तुत किया है। जानिए इस गीत की कहानी और इसके पीछे की भावनाएं।

मुख्य बातें

छठ पर्व 25 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।
स्वाति मिश्रा का नया गीत 'छठ के त्योहार' रिलीज हुआ है।
गीत में मां-बेटे के रिश्ते की गहराई को दर्शाया गया है।
स्वाति मिश्रा की आवाज ने इस गीत को इमोशनल बना दिया है।
इस गीत में पारिवारिक एकता और छठी मैया के प्रति श्रद्धा का संदेश है।

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आस्था का महापर्व छठ 25 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। यह पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से प्रारंभ होता है।

छठ महापर्व के बिना मधुर गीतों का होना अधूरा माना जाता है, और अब सिंगर स्वाति मिश्रा ने अपनी सुरीली आवाज में छठ का एक नया गीत रिलीज किया है।

स्वाति मिश्रा ने अपने इंस्टाग्राम पर इस नए छठ गीत की जानकारी साझा की है, जिसका नाम है "छठ के त्योहार"। यह गीत सिर्फ छठ की महिमा को ही नहीं, बल्कि मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को भी दर्शाता है।

गीत की कहानी बहुत ही प्यारी है, जिसमें एक पत्नी अपने पति से कहती है कि वह अपने माता-पिता के साथ नहीं रह सकती। इसके परिणामस्वरूप, लड़का अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम छोड़ देता है। सात महीनों तक वृद्धाश्रम में रहने के दौरान मां को अपने बेटे की बहुत याद आती है, खासकर जब वह वहां छठ का पर्व मना रही होती है। यह गीत बहुत ही इमोशनल है।

स्वाति मिश्रा की आवाज ने इस गीत में गहराई और भावनाएं भर दी हैं, जिससे फैंस इसकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह एक संपूर्ण कृति है, यदि आपके माता-पिता आपकी वजह से दुखी हैं, तो छठी मैया आपकी प्रार्थना और चढ़ावा स्वीकार नहीं करेंगी।"

दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, "यह भजन मानव जीवन के सबसे सुंदर और गहरे रिश्ते 'परिवार' की महिमा को दर्शाता है। आपने इसमें छठी मैया के प्रति अपार श्रद्धा, पारिवारिक एकता, प्रेम और संस्कारों का अद्भुत संदेश छिपाया है।"

गीत के लिरिक्स और गायन दोनों का श्रेय स्वाति मिश्रा को दिया गया है। इसे साकेत सुमन और मोहित मुसिक ने कंपोज किया है। स्वाति मिश्रा अपने लोक गीतों के लिए प्रसिद्ध हैं और उन्होंने 'उगी-उगी दीनानाथ', 'बांझिन के दर्दिया', 'जोड़े-जोड़े फलवा', 'भोरे-भोर घटिया पर', 'करे माई कठिन बरतिया', और 'छठ करब हम' जैसे कई लोकप्रिय गीत गाए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वाति मिश्रा का नया छठ गीत न केवल सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह परिवार के महत्व को भी उजागर करता है। इस महापर्व के अवसर पर ऐसे गीतों का होना समाज को एकजुट करने में मदद करता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026
राष्ट्र प्रेस
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