'द इंडिया स्टोरी' का पोस्टर जारी: काजल अग्रवाल वकील, श्रेयस तलपड़े बेबस पिता — खाने में मिलावट पर आधारित फिल्म 24 जुलाई को रिलीज़
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई से आई ताज़ा खबर में, फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' का नया पोस्टर 18 जून 2026 को जारी किया गया, जिसमें काजल अग्रवाल एक दृढ़ वकील और श्रेयस तलपड़े एक बेबस पिता की भूमिका में नज़र आ रहे हैं। यह फिल्म खाने में मिलावट जैसे संवेदनशील और व्यापक सामाजिक मुद्दे को केंद्र में रखकर बनाई गई है, जो हर भारतीय परिवार की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करती है।
पोस्टर में क्या दिखाया गया
जारी किए गए पोस्टर में काजल अग्रवाल एक सख्त वकील के रूप में प्रस्तुत हैं, जबकि श्रेयस तलपड़े अपनी गोद में एक छोटी बच्ची को उठाए एक असहाय पिता की छवि में दिखते हैं। पृष्ठभूमि में बॉम्बे हाई कोर्ट की इमारत दर्शाई गई है, और विटनेस बॉक्स में एक पेस्टिसाइड का सिलेंडर रखा हुआ है — जो फिल्म की केंद्रीय समस्या का प्रतीक है। यह पोस्टर बिना एक संवाद के ही कहानी की गंभीरता को स्पष्ट कर देता है।
निर्देशक का नज़रिया
फिल्म के निर्देशक चेतन डीके ने कहा, 'यह फिल्म हर उस भारतीय की कहानी है, जिसके परिवार ने कभी न कभी खाने में मिलावट की समस्या का सामना किया है। यह एक ऐसी समस्या है जो बहुत आम होने के बावजूद अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है, जबकि इसका असर खतरनाक हो सकता है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'फिल्म बनाने का मकसद इस छुपी हुई सच्चाई को लोगों तक पहुँचाना है ताकि समाज में जागरूकता बढ़े। मेरा मानना है कि जब लोग अपने रोज़ाना के खान-पान को लेकर ज़्यादा सतर्क होंगे, तभी इस समस्या को कम किया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी।'
फिल्म की कहानी और सामाजिक संदेश
गौरतलब है कि 'द इंडिया स्टोरी' उस वास्तविकता को उजागर करती है जहाँ रोज़मर्रा के खाने में छिपी मिलावट धीरे-धीरे एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले लेती है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत में खाद्य सुरक्षा और मिलावटखोरी के मामले लगातार सुर्खियों में रहते हैं। फिल्म दिखाती है कि किस तरह एक सामान्य परिवार इस समस्या का शिकार बनता है और न्याय की लड़ाई कोर्ट तक पहुँचती है।
निर्माण और रिलीज़ की जानकारी
फिल्म का निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है और इसे ज़ी स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। 'द इंडिया स्टोरी' 24 जुलाई को हिंदी, तेलुगु और तमिल तीनों भाषाओं में एक साथ रिलीज़ होगी, जो इसे एक पैन-इंडिया फिल्म बनाती है। त्रिभाषी रिलीज़ के साथ यह फिल्म देशभर के दर्शकों तक अपना संदेश पहुँचाने की कोशिश करेगी।