'द इंडिया स्टोरी': निर्देशक चेतन बोले — मिलावटी खाना पूरे परिवार की मेहनत को बर्बाद कर देता है
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' के निर्देशक चेतन ने 3 जुलाई 2026 को मुंबई में फिल्म के प्रमोशन के दौरान कहा कि खाद्य सुरक्षा (फूड सेफ्टी) का मुद्दा हर भारतीय परिवार को सीधे प्रभावित करता है और उनकी यह फिल्म इसी गंभीर सच्चाई को पर्दे पर उतारती है। उनके अनुसार, पेस्टिसाइड के दुरुपयोग और खाने में मिलावट जैसी समस्याएँ समाज की जड़ों तक फैली हैं और इन्हें नज़रअंदाज़ करना अब संभव नहीं।
निर्देशक चेतन का संदेश
निर्देशक चेतन ने कहा, 'लोग दिन-रात मेहनत करके अपने घर का खाना कमाते हैं, लेकिन अगर वही खाना जहरीला या मिलावटी हो जाए, तो उनकी पूरी मेहनत बेकार हो जाती है।' उन्होंने जोड़ा कि यह केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है — मिलावटी या जहरीला भोजन सीधे बच्चों और परिवार के बाकी सदस्यों की सेहत पर असर डालता है।
फिल्म का उद्देश्य
चेतन के अनुसार, 'द इंडिया स्टोरी' डराने के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा, 'यह फिल्म हर परिवार के लिए बनाई गई है। इसका मकसद यह समझाना है कि सावधानी क्यों जरूरी है और हम अपने खाने को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।' उनका मानना है कि फिल्म देखने के बाद दर्शक रोज़मर्रा के खाने को लेकर कहीं अधिक सतर्क हो जाएँगे।
फिल्म की कहानी और कलाकार
फिल्म में अभिनेता श्रेयस तलपड़े मुख्य भूमिका में नज़र आएँगे। अभिनेत्री काजल अग्रवाल एक वकील 'अर्चना' की भूमिका निभा रही हैं, जो एक आम नागरिक के साथ मिलकर उन बड़ी कंपनियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती हैं जिन पर लोगों की जान खतरे में डालने का आरोप है। यह फिल्म खासतौर पर खाद्य उद्योग में कथित अनियमितताओं और उनके मानवीय परिणामों पर केंद्रित है।
सामाजिक प्रासंगिकता
यह ऐसे समय में आई है जब भारत में खाद्य मिलावट और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हाल के वर्षों में कई राज्यों में खाद्य नमूनों की जाँच में मिलावट पाई है। निर्देशक चेतन की यह फिल्म उस बहस को सिनेमाई रूप देने का प्रयास करती है जो आम जनता के रसोईघर से लेकर अदालत के कटघरे तक फैली है।
प्रदर्शन की जानकारी
फिल्म की रिलीज़ तिथि की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन प्रमोशन की शुरुआत से संकेत मिलता है कि यह जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देगी। निर्देशक चेतन को उम्मीद है कि यह फिल्म न केवल मनोरंजन करेगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा को लेकर एक राष्ट्रीय संवाद भी शुरू करेगी।