क्या ट्विंकल खन्ना ने मेनोपॉज के अनुभव को साझा किया?
सारांश
Key Takeaways
- मेनोपॉज का समय महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण होता है।
- सकारात्मक दृष्टिकोण और वेट ट्रेनिंग से स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
- सप्लीमेंट्स का सेवन भी सहायक हो सकता है।
- हर महिला के लिए हार्मोनल थेरेपी के फायदे अलग हो सकते हैं।
- अपने स्वास्थ्य के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
मुंबई, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मेनोपॉज महिलाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण चरण होता है, जब माहवारी समाप्त हो जाती है और इसके साथ कई हॉर्मोनल परिवर्तन आते हैं। इससे अधिक गर्मी, थकान, मूड स्विंग्स, नींद की समस्या और हड्डियों में कमजोरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अभिनेत्री और लेखिका ट्विंकल खन्ना ने अपने मेनोपॉज के अनुभव को अपने प्रशंसकों के साथ साझा किया।
ट्विंकल ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी उम्र और मेनोपॉज के अनुभव को एक अनोखे अंदाज में व्यक्त किया है। 52 वर्ष की आयु में बिना मेकअप के अपने एक फोटो के साथ उन्होंने मजाक में कहा, "अच्छा महसूस करने और अच्छा दिखने के लिए बस दोपहर की अच्छी धूप काफी है। लेकिन मेनोपॉज इतना सरल नहीं होता। मैंने एक बार मजाक में कहा था कि मेनोपॉज मुझसे भी ज्यादा बुरी चीज है।"
काफी समय तक उन्हें ऐसा लगता था जैसे वे एक खराब चार्जर वाला फोन हैं, जिसमें थकान, कम ऊर्जा और उतार-चढ़ाव है। लेकिन अब वह बेहतर महसूस कर रही हैं और यह केवल उम्र को ग्रेसफुली स्वीकार करने से नहीं हुआ, बल्कि कई छोटे-बड़े बदलावों के कारण संभव हुआ है।
उन्होंने बताया कि नियमित वेट ट्रेनिंग, एक छोटी फार्मेसी जितनी सप्लीमेंट्स, किताबें पढ़ना और लिखना (जिससे खुशी और उद्देश्य मिलता है) और 50 की उम्र के बाद अपनी हल्की-फुल्की, मजाकिया साइड को अपनाने से फर्क पड़ा है। अब वह अपनी सहेलियों के साथ नियमित महजोंग खेलती हैं, जो उन्हें बहुत मजा देता है।
ट्विंकल ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के फायदे और नुकसान पर विचार करते हुए अपनी मौजूदा दिनचर्या साझा की और कहा कि हर किसी के लिए अलग-अलग चीजें काम करती हैं। इसलिए उन्होंने सलाह दी कि अपनी रिसर्च करें और डॉक्टर से बातचीत करें। अभी वह कई सप्लीमेंट्स ले रही हैं, जिनमें शामिल हैं, कोएंजाइम, ओमेगा-3, विटामिन डी3, कोलेजन, मैग्नीशियम ग्लाइसिनेट।
ट्विंकल ने अपने फॉलोअर्स से सवाल भी पूछा, “क्या आपने इनमें से कुछ ट्राई किया है? सबसे ज्यादा क्या मददगार रहा या किसका बिल्कुल असर नहीं हुआ?”