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दलेर मेहंदी विवाद: उपासना सिंह बोलीं — 'बीमार होने पर भी वादा निभाने पहुँचे, शराब का आरोप गलत'

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दलेर मेहंदी विवाद: उपासना सिंह बोलीं — 'बीमार होने पर भी वादा निभाने पहुँचे, शराब का आरोप गलत'

सारांश

अभिनेत्री उपासना सिंह ने दलेर मेहंदी के बचाव में उतरते हुए कहा कि वह शराब नहीं पीते और बीमारी के बावजूद वादा निभाने गए थे। उत्तराखंड मंत्री सुबोध उनियाल के स्टेज पर दिए बयान को उन्होंने 'कलाकार के लिए अपमानजनक' बताया।

मुख्य बातें

अभिनेत्री उपासना सिंह ने गायक दलेर मेहंदी का पक्ष लेते हुए कहा कि वह शराब नहीं पीते।
उपासना के अनुसार, दलेर मेहंदी बीमार होने के बावजूद अपना वादा निभाने कुंजापुरी मेले में पहुँचे थे।
गायक मीका सिंह ने भी सार्वजनिक रूप से पुष्टि की थी कि दलेर मेहंदी उस दौरान बीमार थे।
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी की टीम पर ₹35 लाख एडवांस और होटल बुकिंग लेकर खराब परफॉर्मेंस देने का आरोप लगाया था।
उपासना ने मंत्री के स्टेज पर दिए बयान को कलाकार के लिए अपमानजनक बताया।

अभिनेत्री उपासना सिंह ने गायक दलेर मेहंदी के बचाव में खुलकर बयान दिया है और उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में हुई कथित विवादास्पद परफॉर्मेंस को लेकर उठे सवालों को गलत बताया है। उन्होंने 23 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और वह तबीयत ठीक न होने के बावजूद अपना वादा निभाने के लिए मंच पर गए थे।

उपासना सिंह का पक्ष

उपासना सिंह ने कहा, 'मैं दलेर जी को अच्छे से जानती हूँ, वे शराब नहीं पीते हैं। हाँ, ऐसा हो सकता है कि इस उम्र में तबीयत खराब होने की वजह से वह अच्छे से परफॉर्म नहीं कर पाए होंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'कई बार ऐसा भी होता है कि कलाकार लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाते हैं — ये बात हर इंसान को समझनी चाहिए, क्योंकि हमें नहीं पता कि कोई व्यक्ति किस परेशानी से गुजर रहा है।'

अभिनेत्री ने यह भी बताया कि दलेर मेहंदी ने पहले ही परफॉर्म करने का वादा किया था, इसीलिए बीमार होने पर भी वह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने गायक मीका सिंह के हवाले से भी कहा कि मीका ने भी सार्वजनिक रूप से पुष्टि की थी कि दलेर मेहंदी उस दौरान बीमार थे।

मंत्री सुबोध उनियाल की भूमिका पर सवाल

उपासना सिंह ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की प्रतिक्रिया पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मंत्री सुबोध उनियाल को पहले थोड़ा समझना चाहिए था। अगर उन्हें परफॉर्मेंस समझ नहीं आती, तो उन्हें स्टेज पर ऐसे नहीं बोलना चाहिए था।' उपासना का कहना है कि नई टिहरी में दलेर मेहंदी के साथ जो हुआ वह एक कलाकार के लिए 'अपमानजनक' था।

मंत्री के आरोप और विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी की टीम पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि नई टिहरी के कुंजापुरी मेले में परफॉर्मेंस के लिए टीम ने ₹35 लाख एडवांस और पूरे होटल की बुकिंग का पैसा पहले ही ले लिया था। मंत्री के अनुसार, इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद दलेर मेहंदी मंच पर ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे और लिप-सिंक कर रहे थे।

यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन जगत में लाइव परफॉर्मेंस की गुणवत्ता और कलाकारों की पेशेवर जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो रही है।

कलाकार की गरिमा पर उपासना की दो टूक

उपासना सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि पारिश्रमिक का अर्थ यह नहीं कि किसी कलाकार को 'खरीद लिया' गया हो। उन्होंने कहा, 'जब कोई कलाकार परफॉर्म करता है, तो उसे रुपए मिलते हैं, लेकिन इसका मतलब बिल्कुल यह नहीं है कि उन्होंने किसी कलाकार को खरीद लिया है।' यह टिप्पणी सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों के अधिकार और सम्मान की व्यापक बहस की ओर इशारा करती है।

फिलहाल दलेर मेहंदी की तरफ से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और देखना होगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे परफॉर्मेंस जैसी भी रही हो, प्रशासनिक परिपक्वता पर सवाल खड़े करता है। दूसरी तरफ, ₹35 लाख का एडवांस लेकर लिप-सिंक के आरोप को नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता — दर्शकों की अपेक्षाएँ और आयोजकों का हित दोनों वैध हैं। इस पूरे प्रकरण में 'बीमारी' की आड़ और 'कलाकार की गरिमा' का तर्क, दोनों एक साथ खड़े हैं — और दलेर मेहंदी की चुप्पी इसे और उलझाती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दलेर मेहंदी और उत्तराखंड मंत्री के बीच विवाद क्या है?
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने आरोप लगाया कि नई टिहरी के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की टीम ने ₹35 लाख एडवांस और होटल बुकिंग की रकम पहले ले ली, लेकिन गायक मंच पर ठीक से खड़े नहीं हो पाए और लिप-सिंक करते रहे। इस पर कथित तौर पर मंत्री ने स्टेज पर ही आपत्ति जताई थी।
उपासना सिंह ने दलेर मेहंदी का बचाव क्यों किया?
उपासना सिंह का कहना है कि वह दलेर मेहंदी को व्यक्तिगत रूप से जानती हैं और वह शराब नहीं पीते। उनके अनुसार, दलेर मेहंदी बीमार थे, फिर भी उन्होंने अपना पूर्व-वादा निभाने के लिए कार्यक्रम में भाग लिया।
मीका सिंह ने इस मामले में क्या कहा था?
उपासना सिंह के अनुसार, गायक मीका सिंह ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की थी कि दलेर मेहंदी कुंजापुरी मेले के दौरान बीमार थे। मीका के इस बयान का हवाला देते हुए उपासना ने शराब के आरोपों को खारिज किया।
क्या दलेर मेहंदी ने इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक दलेर मेहंदी की तरफ से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में उनकी चुप्पी बनी हुई है।
कुंजापुरी मेला विवाद कलाकारों के अधिकारों के लिए क्यों अहम है?
उपासना सिंह ने कहा कि किसी कलाकार को पारिश्रमिक देने का अर्थ यह नहीं कि उसे 'खरीद लिया गया' हो। यह मामला सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों की गरिमा, बीमारी में काम करने की मज़बूरी और सरकारी प्रतिनिधियों की जवाबदेही जैसे व्यापक सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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