कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी पर भड़के मंत्री सुबोध उनियाल, कहा — 'गाना क्या गाओगे'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के टिहरी में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित कुंजापुरी मेले में एक विवादास्पद घटना सामने आई, जब राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर ही मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को कथित तौर पर नशे की हालत में परफॉर्म करने पर सार्वजनिक रूप से टोका। 19 अक्टूबर 2026 की यह घटना अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो चुकी है।
मंत्री ने मंच से क्या कहा
मंत्री उनियाल ने सीधे गायक से पूछा, 'ठीक से बोला तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?' उन्होंने दलेर मेहंदी को कार्यक्रम की धार्मिक पवित्रता का स्मरण कराते हुए अपनी नाराज़गी खुलकर ज़ाहिर की।
मंत्री ने आगे कहा, 'हमने आपको इतने पैसे देकर बुलाया है। इसलिए बुलाया था ताकि हमारे लोग मनोरंजन कर सकें। आप हमें बेवकूफ बना रहे हैं। यह गलत बात है। आप एक बड़ा नाम हैं, इसलिए आपको बुलाया गया था।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नवरात्रि के इस उत्सव को वह सम्मान मिलना चाहिए जिसका वह हकदार है।
दलेर मेहंदी की प्रतिक्रिया
हालात को संभालने की कोशिश में दलेर मेहंदी ने हाथ जोड़कर कहा, 'सर, मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं। कृपया स्टेज से चले जाइए।' यह दृश्य वीडियो में स्पष्ट रूप से दर्ज है।
गौरतलब है कि कुंजापुरी मेला टिहरी का एक प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन है, जहाँ नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उपस्थित रहते हैं। ऐसे आयोजनों में कलाकारों के आचरण को लेकर संवेदनशीलता स्वाभाविक रूप से अधिक होती है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, 'पता नहीं, लेकिन दलेर मेहंदी बिल्कुल भी हकीकत से जुड़े नहीं लग रहे हैं। कोई भी आयोजक किसी मेहमान का इस तरह अपमान नहीं करना चाहेगा। मुझे दलेर मेहंदी के लिए बुरा लग रहा है। बेचारे दलेर जी, आपकी एनर्जी तो वहां दिख ही नहीं रही है।'
वहीं एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, 'यह गलत बात है, शराब पीकर वह स्टेज का अपमान कर रहे हैं। शर्म आनी चाहिए। मैं खुद पंजाबी हूं, सुबोध जी सही कह रहे हैं।' तीसरे कमेंट में लिखा था, 'दलेर पाजी एक बेहतरीन गायक हैं, लेकिन यहां वे साफ तौर पर नशे में हैं और लड़खड़ाकर बोल रहे हैं। भाजपा और अन्य पार्टियों को ऐसे लोगों को बुलाना बंद करना चाहिए, खासकर धार्मिक कार्यक्रमों में।'
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक आयोजनों में बॉलीवुड और फ़िल्मी कलाकारों की भागीदारी को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। कई राज्यों में धार्मिक मेलों में मनोरंजन कार्यक्रमों की प्रकृति और मर्यादा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। दलेर मेहंदी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस विवाद पर मंत्री उनियाल या दलेर मेहंदी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है, और क्या आयोजन समिति इस घटना पर अपना पक्ष रखती है।