दलेर मेहंदी विवाद: मधु श्री बोलीं- 'मैंने उन्हें कभी शराब पीते नहीं देखा', मंच पर फटकार को बताया गलत
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच 19 अक्टूबर 2026 को नई टिहरी में हुए विवाद ने अब व्यापक रूप ले लिया है। बॉलीवुड सिंगर मधु श्री ने दलेर मेहंदी के समर्थन में खुलकर बयान दिया है और मंच पर सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने की घटना को अनुचित करार दिया है।
मधु श्री का बयान
मधु श्री ने कहा, 'सबसे पहले मैं कहना चाहूंगी कि मैं दलेर मेहंदी की बहुत बड़ी फैन हूं। कमाल के सिंगर हैं। मैंने उनके साथ लंदन में एक प्रोग्राम किया था। उन्होंने उसमें क्या शानदार परफॉर्मेंस दी थी। मैंने उन्हें कभी शराब पीते हुए नहीं देखा। उनके दो ही शौक हैं, एक गाना और दूसरा खाना।'
उन्होंने आगे जोड़ा कि जब उन्हें पता चला कि दलेर मेहंदी को किसी कार्यक्रम में सबके सामने फटकार लगाई गई, तो यह बात उन्हें अच्छी नहीं लगी। मधु श्री ने यह भी कहा कि कोई भी इंसान कभी भी बीमार हो सकता है और बीमारी के दौरान हालत सामान्य नहीं रहती, खासकर गायकों के लिए।
मूल घटनाक्रम
यह विवाद 19 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। दलेर मेहंदी को परफॉर्मेंस के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुँचे और गायक की परफॉर्मेंस पर नाराज़गी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि दलेर ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं तो गाना कैसे गाएंगे। मंत्री ने गायक पर शराब पीकर आने और लाइव गाने की बजाय लिप-सिंक करने का आरोप भी लगाया।
परिवार और साथियों की प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद दलेर मेहंदी के भाई और सिंगर मीका सिंह ने उनका बचाव किया। मीका ने कहा कि दलेर की तबीयत ठीक नहीं थी और वह हाल ही में हुई सर्जरी से उबर रहे थे। उन्होंने शराब पीने के आरोपों को भी गलत बताया। अभिनेता अनुपम खेर ने भी कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 25 से 30 साल से जानते हैं और उन्होंने कभी उन्हें शराब पीते नहीं देखा। उनके अनुसार, अगर परफॉर्मेंस को लेकर कोई शिकायत थी, तो उसे निजी तौर पर और सम्मान के साथ उठाया जा सकता था।
फेडरेशन की पीएम और सीएम को चिट्ठी
विवाद के बीच फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस घटना पर चिंता जताई। फेडरेशन ने अपने पत्र में कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी कलाकार की परफॉर्मेंस को लेकर कोई परेशानी हो तो उसे समझदारी और संवेदनशीलता के साथ सुलझाया जाना चाहिए। किसी कलाकार को सबके सामने डांटना उचित तरीका नहीं है।
मंत्री उनियाल का पक्ष
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने पक्ष में कहा कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें आयोजकों को पहले ही सूचित कर देना चाहिए था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें गायक से कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है और न ही उनका उन्हें ठेस पहुँचाने का कोई इरादा था। यह मामला अब एक व्यापक बहस का रूप ले चुका है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार उचित है।