दलेर मेहंदी विवाद: सीएम धामी ने मीका सिंह से की फोन पर बात, बोले- 'देवभूमि में कलाकारों का सम्मान'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के एक सरकारी कार्यक्रम में मशहूर गायक दलेर मेहंदी के साथ कथित बदसलूकी का मामला 22 अक्टूबर 2026 को नया मोड़ ले गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं आगे आकर गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत की। मीका सिंह ने पहले सोशल मीडिया पर दलेर मेहंदी का खुलकर समर्थन करते हुए राज्य के एक मंत्री पर मंच पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि उन्होंने मीका सिंह से दूरभाष पर बातचीत की। धामी ने अपनी पोस्ट में कहा, 'आज प्रसिद्ध गायक मीका सिंह से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने दलेर मेहंदी से जुड़े विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'देवभूमि उत्तराखंड अतिथि देवो भवः की हमारी महान परंपरा का संवाहक है। यहाँ सभी कलाकारों का सदैव हृदय से स्वागत और सम्मान है।'
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला उत्तराखंड में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें दलेर मेहंदी को आमंत्रित किया गया था। आरोप है कि मंच पर राज्य के एक मंत्री ने उनसे अशोभनीय तरीके से बात की। गौरतलब है कि इस आयोजन के लिए गायिका सुनंदा शर्मा को भी बुक किया गया था, लेकिन वे किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकीं। ऐसे में दलेर मेहंदी ने अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए 1 घंटा 30 मिनट तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
मीका सिंह की एक्स पर नाराज़गी
मीका सिंह ने एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर अपनी नाराज़गी व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा, 'आजकल स्कूलों में भी बच्चों को डाँटने-फटकारने को लेकर इतनी सावधानी बरती जाती है, लेकिन उत्तराखंड में आपके मंत्री ने दलेर मेहंदी को मंच पर बुलाकर जिस तरह इतनी रूडली बात की, क्या यह सही है? यह कहाँ का इंसाफ़ है?' उन्होंने सीएम धामी को टैग करते हुए आगे लिखा, 'सीएम धामी, हम सब आपकी इज्जत करते हैं और उत्तराखंड से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन किसी कलाकार के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल सही नहीं है। दलेर अपनी कमिटमेंट निभाने आए थे और उन्होंने पूरे 1 घंटा 30 मिनट परफॉर्म किया।'
कलाकारों के सम्मान की माँग
मीका सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा, 'कलाकार भी इंसान होते हैं। उनकी भी इज्जत और सम्मान होना चाहिए। अगर कोई शिकायत थी तो उसे सम्मानपूर्वक भी रखा जा सकता था। धामी साहब, आप मेरे भाई जैसे हैं और समझदार इंसान हैं। मुझे उम्मीद है कि आप इस मामले को समझेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी कलाकार के सम्मान को ठेस न पहुँचे।' यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग में सरकारी कार्यक्रमों में कलाकारों के साथ व्यवहार को लेकर बहस तेज़ होती रही है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस विवाद को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है। हालाँकि, अब तक जिस मंत्री पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि सरकारी मंचों पर आमंत्रित कलाकारों के साथ प्रोटोकॉल और शिष्टाचार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देशों की आवश्यकता है।