दलेर मेहंदी विवाद: राजपाल यादव भड़के, बोले — 'कला को खरीदा नहीं जा सकता, जिंदगी का सम्मान करो'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता राजपाल यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक रूप से गायक दलेर मेहंदी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निंदा की और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के आचरण पर कड़े सवाल उठाए। यह विवाद टिहरी गढ़वाल में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न हुआ, जहाँ मंत्री ने मंच पर जाकर दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस पर आपत्ति जताई थी।
राजपाल यादव ने क्या कहा
राजपाल यादव ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'जिस तरह एक सम्मानित मंत्री ने हजारों लोगों के सामने ऐसे दिग्गज सिंगर को अपमानित किया, जिसकी आवाज ने दशकों तक देश और दुनिया की सेवा की है, वह स्वीकार करने लायक नहीं है।' उन्होंने कला की तुलना जीवन से करते हुए कहा, 'कला कभी खरीदी नहीं जा सकती। कला एक जिंदगी है। जिंदगी का सम्मान कीजिए।'
राजपाल ने मंत्री को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'माननीय मंत्री जी, यह आपको शोभा नहीं देता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से ऐसा आभास हुआ जैसे कला को खरीदा जा सकता हो, जो उनके अनुसार एक गलत सोच है।
शराब के आरोप को किया खारिज
मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी शराब के नशे में हैं और ठीक से गा नहीं पा रहे। राजपाल यादव ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं।' उन्होंने बताया कि गायक की सेहत ठीक नहीं चल रही और उनके आसपास के लोग उन्हें जल्द स्वस्थ करने की कोशिश में लगे हैं।
राजपाल ने अपनी साख स्थापित करते हुए बताया कि वे फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में दलेर मेहंदी के साथ काम कर चुके हैं, यानी वे गायक को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं।
घटना का मूल घटनाक्रम
यह विवाद रविवार को टिहरी गढ़वाल में आयोजित सिद्धपीठ माँ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। दलेर मेहंदी स्टेज पर परफॉर्म कर रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुँचे। मंत्री ने कथित तौर पर गायक की परफॉर्मेंस पर नाराजगी जताई, उन्हें नशे में होने का आरोप लगाया और आयोजकों द्वारा दी गई फीस पर भी सवाल उठाए — यह सब हजारों दर्शकों के सामने हुआ।
गौरतलब है कि दलेर मेहंदी भारत के उन चुनिंदा गायकों में हैं जिनकी 'बोलो ता रा रा' और 'तुनक तुनक' जैसी रचनाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती हैं। किसी वरिष्ठ कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार का व्यवहार कलाजगत में गहरी आपत्ति का विषय बन गया।
मनोरंजन जगत की एकजुटता
घटना के सामने आने के बाद फिल्म और संगीत जगत के कई नाम दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे। गायक के भाई मीका सिंह, अभिनेता अनुपम खेर और कॉमेडियन कपिल शर्मा सहित कई हस्तियों ने सार्वजनिक रूप से एकजुटता जताई। यह पहली बार नहीं है जब किसी कलाकार के सार्वजनिक अपमान पर मनोरंजन उद्योग ने एकजुट होकर आवाज उठाई हो — यह एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रेखांकित करता है जहाँ कलाकार अब सोशल मीडिया के माध्यम से तत्काल प्रतिक्रिया देते हैं।
मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों आयामों पर बहस जारी रहने की संभावना है।