क्या हम उबलते पानी में मेंढ़क की तरह बनते जा रहे हैं? विवेक अग्निहोत्री ने प्रदूषण पर जताई चिंता

Click to start listening
क्या हम उबलते पानी में मेंढ़क की तरह बनते जा रहे हैं? विवेक अग्निहोत्री ने प्रदूषण पर जताई चिंता

सारांश

फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने देशवासियों को उबलते पानी में मेंढ़क के रूप में वर्णित किया। क्या हम सच में इसे अनदेखा कर रहे हैं? जानिए उनके विचार और दिल्ली की स्थिति पर उनके आंकड़े।

Key Takeaways

  • प्रदूषण की समस्या गहराई से बढ़ रही है।
  • हमारी लापरवाही इसके प्रति चिंताजनक है।
  • दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्थिति में है।
  • समाजिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
  • बदलाव के लिए जागरूकता जरूरी है।

मुंबई, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। 'द दिल्ली फाइल्स' और 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी गंभीर विषयों पर फिल्म बनाने वाले फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बढ़ते प्रदूषण की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

अपने लेटेस्ट पोस्ट में उन्होंने देश को प्रदूषण के हर प्रकार का केंद्र बताते हुए देशवासियों को धीरे-धीरे उबलते पानी में मेंढ़क के रूप में वर्णित किया।

विवेक रंजन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, “भारत अब वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण का हब बन चुका है। प्रदूषण अब भारत का वॉलपेपर बन गया है। हम इसे रोज देखते हैं, लेकिन अनदेखा करते हैं। हम अब इसके साथ जीने लगे हैं।”

उन्होंने मशहूर मेंढ़क के उदाहरण का सहारा लिया। विवेक ने लिखा, “ठंडे पानी में डाला गया मेंढ़क जब पानी धीरे-धीरे गर्म होता है, तो तुरंत प्रतिक्रिया नहीं करता। जब पानी पूरी तरह से गर्म हो जाता है, तब तक मेंढ़क इतना कमजोर हो चुका होता है कि कूद भी नहीं पाता। हम भी ठीक वही मेंढ़क हैं। हमने कूदना नहीं चुना, हमने एडजस्ट करना सीख लिया है। धीमी जहरबंदी को सहना अचानक बदलाव से आसान लगता है।”

विवेक का इशारा स्पष्ट है, चाहे दिल्ली की जहरीली हवा हो, सोशल मीडिया पर फैलने वाली नफरत और अश्लीलता हो, या लगातार बढ़ता शोर प्रदूषण हो, हम सभी धीरे-धीरे इन सबके आदी होते जा रहे हैं। सिर्फ आंकड़े और रिपोर्टें हमारी इस लापरवाही को नहीं जगा सकतीं। हम इन समस्याओं को दूर करने के बजाय इनसे एडजस्ट करने में लगे हैं।

बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बरकरार है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने शनिवार को एक्यूआई 338 दर्ज किया है। एयर क्वालिटी और मौसम एजेंसियों के अनुसार, आगामी सप्ताह में प्रदूषण के हालात में कोई खास सुधार होने की उम्मीद नहीं है।

Point of View

जो हमें प्रदूषण की गंभीरता की याद दिलाते हैं। इस मुद्दे पर देश की लापरवाही चिंता का विषय है। हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि हम अपनी स्वास्थ्य और भविष्य की रक्षा कर सकें।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

विवेक अग्निहोत्री ने प्रदूषण के बारे में क्या कहा?
विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि भारत हर प्रकार के प्रदूषण का हब बन गया है और हम धीरे-धीरे इसके आदी होते जा रहे हैं।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता का क्या हाल है?
दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है, हाल ही में सीपीसीबी ने एक्यूआई 338 दर्ज किया है।
Nation Press