सुप्रीम कोर्ट की राहत के बावजूद 'यादव जी की लव स्टोरी' पर विरोध जारी, किसान यूनियन ने किया प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज किया।
- फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर विरोध जारी है।
- किसान यूनियन ने फिल्म का विरोध किया है।
- समाजिक तनाव का खतरा महसूस किया जा रहा है।
- जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।
मुरादाबाद, २६ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' के खिलाफ दायर याचिका को खारिज किए जाने के बावजूद विरोध का सिलसिला जारी है। अदालत से फिल्म को महत्वपूर्ण राहत मिलने के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भारतीय किसान यूनियन (मुलायम) ने फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर फिल्म के खिलाफ नारेबाजी की और इसे तुरंत बैन करने की जोरदार मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कहा कि फिल्म के शीर्षक और कहानी से एक विशेष समुदाय की भावनाएं आहत हो रही हैं। उनका आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया, तो आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फिल्म के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
गौरतलब है कि २५ फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के शीर्षक और रिलीज पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि फिल्म के शीर्षक से किसी भी जाति या समुदाय का अपमान नहीं होता। केवल आशंका के आधार पर किसी फिल्म के शीर्षक को असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता।
न्यायालय ने इस मामले को फिल्म 'घूसखोर पंडित' से अलग बताया और कहा कि यहां किसी समुदाय को नकारात्मक तरीके से पेश करने का कोई ठोस आधार नहीं है।
'यादव जी की लव स्टोरी' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है।