क्या अदरक की बर्फी है स्वास्थ्य और स्वाद का परफेक्ट कॉम्बो?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों के मौसम में सर्दी-खांसी, गले में खराश और पाचन की कमजोरी से बचने के लिए हर बार कड़वी दवा का सहारा लेना जरूरी नहीं है। स्वादिष्ट चीजों के साथ भी स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सकता है। ऐसी ही एक स्वादिष्ट डिश है अदरक की बर्फी।
सर्दियों में जब स्वाद और सेहत का संगम होता है, तो क्या कहना। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अदरक की बर्फी के विशेष नुस्खे को साझा किया है। यह न केवल एक लजीज मिठाई है, बल्कि एक आयुर्वेदिक औषधि भी है, जो इम्युनिटी को बढ़ावा देती है, भूख को उत्तेजित करती है और खांसी-जुकाम से बचाती है।
दिलचस्प बात यह है कि अदरक की बर्फी को बनाने के लिए आपको किसी दुकान पर जाने की आवश्यकता नहीं है; इसे आप घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं।
मंत्रालय ने अदरक की बर्फी बनाने की विशेष रेसिपी भी साझा की है। इसके लिए ताजे अदरक, देसी गुड़, और देसी घी के साथ सौंठ, जीरा, काली मिर्च, इलायची, दालचीनी, तेज पत्ता, पिपली और धनिया पाउडर की आवश्यकता होती है। आप चाहें तो इसमें नागकेसर-विदंग भी मिला सकते हैं। तिल डालने से बर्फी और भी पौष्टिक बन जाती है।
अदरक की बर्फी बनाने की प्रक्रिया बहुत सरल है। पहले गुड़ को धीमी आंच पर पिघलाकर गाढ़ी चाशनी बना लें। फिर इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर 5-7 मिनट तक भूनें। इसके बाद घी मिलाएं और 5-10 मिनट पकाएं। फिर सभी मसालों का बारीक पाउडर डालकर 8-10 मिनट तक चलाते रहें। जब मिश्रण कढ़ाई छोड़ने लगे, तो इसे घी लगी थाली में फैलाकर ठंडा करें और टुकड़े काट लें। यह एक महीने तक ताजा रहती है।
अदरक की बर्फी के अद्भुत फायदे गिनाना शुरू करें, तो यह खत्म ही नहीं होते। यह पाचन को दुरुस्त करती है, भूख बढ़ाती है, गले की खराश और सर्दी-खांसी में राहत देती है, और संपूर्ण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाती है। सर्दियों में रोजाना 1-2 छोटे टुकड़े खाने से ठंड से बचाव होता है और जोड़ों का हल्का दर्द भी कम होता है।
स्वादिष्ट अदरक की बर्फी सेहत को कई लाभ प्रदान करती है। हालांकि, यह गर्म तासीर की होती है, इसलिए दिन में अधिक न खाएं और खाली पेट तो बिल्कुल न लें। जिन लोगों को एसिडिटी, अल्सर या पित्त की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।