होली के दौरान बालों की देखभाल: रंगों से बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय
सारांश
Key Takeaways
- तेल लगाना आवश्यक है।
- रंग खेलने के बाद जल्दी धोना नहीं चाहिए।
- कंडीशनर का इस्तेमाल करें।
- गर्म उपकरणों से बचें।
- सुरक्षा के लिए चोटी या जूड़ा बनाएं।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। होली का त्योहार जितनी खुशी लेकर आता है, उतनी ही चिंता बालों की सेहत को लेकर भी बढ़ जाती है। रंग खेलने के दौरान सबसे अधिक नुकसान बालों को होता है, क्योंकि स्कैल्प और बाल दोनों ही केमिकल रंगों के संपर्क में आते हैं, जिससे बाल रूखे, टूटने या झड़ने लगते हैं।
बालों की बाहरी परत बेहद संवेदनशील होती है। जब उस पर केमिकल रंग लग जाते हैं, तो बालों की नमी समाप्त हो जाती है और वे बेजान और कमजोर दिखने लगते हैं। यदि बालों पर पहले से तेल की परत हो, तो रंग बालों के अंदर नहीं जा पाते। यही कारण है कि होली से पहले बालों में तेल लगाना अत्यंत आवश्यक है।
होली खेलने से एक रात पहले बालों में अच्छे से नारियल तेल, सरसों का तेल या बादाम का तेल लगाना चाहिए। तेल स्कैल्प को पोषण देता है और बालों को टूटने से बचाता है। साथ ही, यह रंग को आसानी से निकालने में मदद करता है।
होली के उत्सव में बालों को खुला छोड़ना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। खुले बालों में रंग अधिक समा जाते हैं तथा उलझने और टूटने की समस्या भी बढ़ जाती है। सुरक्षा की दृष्टि से चोटी, जूड़ा या पोनीटेल बनाना एक बेहतर विकल्प है। इससे बालों का रंगों से संपर्क कम होता है और वे सुरक्षित रहते हैं।
रंग खेलने के तुरंत बाद बालों को धोने की जल्दबाजी न करें। सफाई से पूर्व बालों में पुनः थोड़ा तेल लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें, जिससे बालों में जमा रंग ढीला हो जाए। इसके बाद किसी माइल्ड शैम्पू का उपयोग करें। ध्यान रखें कि बालों को बार-बार धोने से वे रूखे और कमजोर हो सकते हैं, इसलिए कोमलता से सफाई करना बेहतर है।
बाल धोने के बाद कंडीशनर या हेयर मास्क का उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। यह बालों की खोई हुई नमी वापस लाने में मदद करता है।
होली के बाद कुछ दिनों तक हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर या कर्लर का इस्तेमाल न करें। रंग और धूप से पहले ही बाल कमजोर हो चुके होते हैं; ऐसे में गर्म उपकरण नुकसान बढ़ा सकते हैं।