लीवर ट्रांसप्लांट मरीज के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का ग्रीन कॉरिडोर, 20 किमी सिर्फ 22 मिनट में
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 5 अगस्त 2025 की शाम एक जीवनरक्षक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लीवर ट्रांसप्लांट के एक मरीज को सर गंगा राम अस्पताल से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 तक केवल 20 से 22 मिनट में पहुँचाया। मरीज को हैदराबाद में निर्धारित जीवनरक्षक लीवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए उड़ान पकड़नी थी, और राजधानी की व्यस्ततम शाम के ट्रैफिक के बीच यह समन्वय किसी मिसाल से कम नहीं था।
कैसे बना ग्रीन कॉरिडोर
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ग्रीन कॉरिडोर की ज़रूरत की सूचना शाम करीब 4:30 बजे मिली। जानकारी मिलते ही ट्रैफिक सर्किल करोल बाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। हेड कांस्टेबल सनी ने समन्वय अधिकारी तरुण से संपर्क किया और सभी संबंधित अधिकारियों के बीच रियल-टाइम समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया।
एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हेड कांस्टेबल हेमराज और सुखविंदर मोटरसाइकिल पर एंबुलेंस के साथ चले और रास्ता खाली करवाते रहे। हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह ने पूरे कॉरिडोर के दौरान समग्र ट्रैफिक व्यवस्था संभाली।
कांस्टेबल प्रदीप नैन और पंकज लगातार ट्रैफिक की स्थिति पर नज़र रखते रहे और विभिन्न ट्रैफिक सर्किलों के साथ समन्वय बनाकर जाम की संभावित स्थितियों को पहले ही नियंत्रित कर लिया।
मुख्य घटनाक्रम
एंबुलेंस ने सर गंगा राम अस्पताल से IGI एयरपोर्ट टर्मिनल-4 तक लगभग 20 किलोमीटर की दूरी बिना किसी रुकावट के तय की। शाम के व्यस्त घंटों में यह सफर महज 20 से 22 मिनट में पूरा हुआ, जो सामान्य परिस्थितियों में एक घंटे से अधिक ले सकता था।
इस त्वरित व्यवस्था के चलते मरीज समय पर एयरपोर्ट पहुँचा और हैदराबाद के लिए उड़ान भर सका, जहाँ उसकी जीवनरक्षक सर्जरी निर्धारित थी।
परिजनों की प्रतिक्रिया
मरीज के परिजनों ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के त्वरित और समर्पित प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की समय पर की गई मदद के कारण ही मरीज की मेडिकल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी हो सकी।
पहले भी दिखाई है तत्परता
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा कदम उठाया हो। कुछ महीने पहले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैच के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के घायल क्रिकेटर लुंगी एनगिडी को अरुण जेटली स्टेडियम से महज 11 मिनट में अस्पताल पहुँचाया गया था। ये दोनों घटनाएँ मिलकर दर्शाती हैं कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आपातकालीन समन्वय क्षमता लगातार मज़बूत हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में यातायात की भीड़ एक स्थायी चुनौती बनी हुई है और ऐसे ग्रीन कॉरिडोर की प्रासंगिकता और माँग दोनों बढ़ रही हैं।