एयर इंडिया फ्लाइट AI2802 में इंजन फायर अलर्ट, दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट एआई2802 को 21 मई को दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान इंजन में फायर इंडिकेशन की तकनीकी चेतावनी मिली, जिसके बाद कॉकपिट क्रू ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को सुरक्षित उतारा। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई।
मुख्य घटनाक्रम
बेंगलुरु से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई2802 के लैंडिंग के दौरान कॉकपिट क्रू को एक इंजन में फायर इंडिकेशन प्राप्त हुआ। एयर इंडिया के अनुसार, इस अलर्ट को बाद में 'सही' (confirmed) पाया गया। क्रू ने तत्काल स्थापित आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतारा और सभी यात्री तथा चालक दल सामान्य रूप से विमान से बाहर निकले।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
एयरलाइन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'हम 21 मई को बेंगलुरु से दिल्ली जा रही फ्लाइट एआई2802 से जुड़ी घटना से अवगत हैं। लैंडिंग के दौरान कॉकपिट क्रू को इंजन में फायर इंडिकेशन मिला, जिसे बाद में सही पाया गया। सभी यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विमान को सुरक्षित रूप से उतारा गया।' एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जाँच और नियामक कार्रवाई
एयर इंडिया ने घोषणा की है कि इंजन अलर्ट के कारणों की विस्तृत तकनीकी जाँच तुरंत शुरू कर दी गई है। एयरलाइन संबंधित नियामक एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और जाँच में नए तथ्य सामने आने पर उन्हें साझा करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल विमान को तकनीकी परीक्षण के लिए ग्राउंड किया गया है।
पहले की घटना और उड़ान रद्द
गौरतलब है कि इससे पहले एयर इंडिया की फ्लाइट एआई2651 को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान टेल-स्ट्राइक — यानी विमान के पिछले हिस्से का रनवे से टकराना — की घटना का सामना करना पड़ा था। उस विमान में 179 यात्री और चालक दल सवार थे और सभी सुरक्षित उतरे। उस विमान को भी विस्तृत तकनीकी जाँच के लिए ग्राउंड किया गया, जिससे बेंगलुरु-दिल्ली वापसी उड़ान एआई2652 को रद्द करना पड़ा। प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
आगे क्या होगा
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाओं में नियामक एजेंसी डीजीसीए (DGCA) अपनी स्वतंत्र जाँच करती है और एयरलाइन को निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट सौंपनी होती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन उद्योग में सुरक्षा मानकों पर निगरानी बढ़ाने की माँग हो रही है। जाँच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फायर इंडिकेशन वास्तविक था या सेंसर की खराबी।