क्या ठंडा या गर्म पानी? आयुर्वेद से जानें कौन सा है शरीर के लिए लाभकारी
सारांश
Key Takeaways
- गुनगुना पानी पाचन को सुधारता है।
- सर्दियों में यह कफ को संतुलित करता है।
- गुनगुना पानी गले के लिए फायदेमंद है।
- ठंडा पानी थकान को कम करता है।
- बीपी के लिए ठंडा पानी लाभकारी हो सकता है।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में शरीर का ख्याल गर्मियों के मुकाबले अधिक रखना आवश्यक है। ठंडे मौसम के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है क्योंकि पानी पीना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि सर्दियों में ठंडा पानी पीना फायदेमंद होता है या गर्म पानी?
आज हम आयुर्वेद के अनुसार गर्म और ठंडे पानी के लाभों पर चर्चा करेंगे।
पहले गर्म पानी या गुनगुने पानी की बात करें। गुनगुने पानी का सेवन ठंडे पानी की तुलना में अधिक लाभदायक होता है। गुनगुना पानी पीने से पाचन अग्नि सक्रिय होती है, जिससे भोजन का पाचन सरल हो जाता है और पेट से संबंधित समस्याएं कम होती हैं। दूसरा, गुनगुना पानी गले के लिए औषधि का कार्य करता है। सर्दियों में गले में संक्रमण या टॉन्सिल की समस्या का जोखिम कम होता है और आवाज साफ रहती है।
तीसरा, गुनगुना पानी किडनी और ब्लैडर को डिटॉक्स करने में सहायता करता है, जिससे ये सही तरीके से कार्य करते हैं और समय-समय पर विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकलते रहते हैं। चौथा, सर्दियों में वात और कफ दोनों की वृद्धि होती है। इन दोनों को संतुलित रखने के लिए गुनगुना पानी औषधि की तरह कार्य करता है और सर्दी तथा जुकाम से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
वहीं दूसरी ओर, सामान्य या मटके का पानी पीने के भी अपने लाभ हैं। यदि थकान और चक्कर आने की समस्या है, तो ठंडा पानी राहत देता है और घबराहट से भी निजात दिलाता है। दूसरा, शरीर में जलन और रक्त संबंधी दोषों के कारण उत्पन्न समस्याओं में भी ठंडा पानी राहत पहुंचाता है।
अगर बीपी की समस्या है, तो ठंडा पानी पीना लाभकारी हो सकता है, लेकिन कुछ व्यक्तियों को ठंडे पानी से बचना चाहिए। जैसे, जो लोग बुखार से ग्रस्त हैं, पसलियों में दर्द का अनुभव कर रहे हैं, कफ बढ़ा हुआ है, या भूख न लगने की समस्या है, उन्हें ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। यह समस्याओं को और बढ़ा सकता है। अब सवाल यह है कि कब और कितना पानी पीना चाहिए। गर्मी हो या सर्दी, सुबह गुनगुना पानी अवश्य पीना चाहिए। उतना ही पानी पीएं, जितनी आवश्यकता हो। बिना प्यास लगे, जबरदस्ती पानी पीने का प्रयास न करें।
दूसरा, भोजन से 30 मिनट पहले गुनगुना पानी अवश्य पीएं, इससे पेट की पाचन क्षमता तेज होती है और भूख अच्छे से लगती है।