16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या इसबगोल सिर्फ पाचन में मदद करता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या इसबगोल सिर्फ पाचन में मदद करता है?

सारांश

इसबगोल, जो कि आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण तत्व है, केवल पाचन में ही नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी सहायक है। जानें इसके फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

इसबगोल पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
यह वजन घटाने में सहायक है।
दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है।
कब्ज, गैस और बवासीर में राहत देता है।

नई दिल्ली, 9 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आयुर्वेद में इसबगोल को अत्यधिक लाभकारी माना गया है। यह प्लांटैगो ओवाटा नामक पौधे के बीजों की भूसी होती है। इसे अक्सर पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन इसके लाभ केवल पाचन तक ही सीमित नहीं हैं।

इसबगोल के फायदों की बात करें तो इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। कब्ज की समस्या से ग्रसित व्यक्तियों के लिए इसका नियमित सेवन मल त्याग को आसान बनाता है और पेट को अच्छे से साफ करता है। दही या पानी के साथ सेवन करने से दस्त या डायरिया में भी राहत मिलती है।

यह दिल के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह अत्यंत लाभकारी है।

वजन कम करने के इच्छुक लोगों के लिए इसबगोल किसी वरदान की तरह है। इसे सुबह खाली पेट पानी या नींबू पानी के साथ लेने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह शरीर से टॉक्सिन निकालने में भी मदद करता है, जिससे लिवर भी स्वस्थ रहता है।

त्वचा और बालों के लिए भी इसके कई फायदे हैं। यह शरीर को अंदर से साफ करता है, जिससे त्वचा पर चमक आती है और मुंहासे कम होते हैं। यह शरीर में नमी बनाए रखता है, जिससे रूसी और बाल झड़ने की समस्या में सहायता मिलती है।

बवासीर और गैस की समस्या में भी इसबगोल फायदेमंद है। यह मल को मुलायम बनाता है, जिससे दर्द और सूजन में राहत मिलती है। यदि आपको एसिडिटी की समस्या है, तो दूध के साथ इसका सेवन करने से आराम मिलता है।

हालांकि इसे सुरक्षित माना जाता है, परंतु यदि इसे अत्यधिक मात्रा में खाया जाए तो पेट फूलना, गैस या ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। पर्याप्त पानी न पीने पर यह आंतों में सूखकर कब्ज बढ़ा सकता है। इसलिए हमेशा इसके साथ अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं या जिनको दवाओं से एलर्जी है, उन्हें इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना आवश्यक है कि इसबगोल जैसे प्राकृतिक उपाय न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि भारतीय आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा को भी दर्शाते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इसबगोल का सेवन कैसे करें?
इसबगोल को पानी या दही के साथ मिलाकर लिया जा सकता है।
क्या इसबगोल का कोई साइड इफेक्ट है?
अत्यधिक मात्रा में लेने पर पेट फूलने या गैस की समस्या हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले