क्या कम उम्र में सफेद बाल बन रहे हैं परेशानी? सौंफ देगा बालों को नेचुरल हेयर कलर
सारांश
Key Takeaways
- सफेद बालों का बढ़ता प्रचलन अब सामान्य है।
- सौंफ एक प्राकृतिक उपाय है जो बालों को अस्थायी रूप से काला कर सकती है।
- आयुर्वेद में संतुलित खानपान की महत्वपूर्णता है।
- सफेद बालों को छुपाने के लिए गृह उपचार सरल और प्रभावी हैं।
- तनाव और पोषण की कमी से बाल सफेद हो सकते हैं।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आजकल, सफेद बाल केवल उम्र बढ़ने का संकेत नहीं रह गए हैं। बदलती जीवनशैली, अनियमित आहार, बढ़ता तनाव, नींद की कमी और मोबाइल-लैपटॉप की लगातार स्क्रीन लाइट जैसे कई कारकों के चलते कम उम्र में भी बाल सफेद हो रहे हैं।
पहले यह समस्या चालीस-पचास की उम्र के बाद देखी जाती थी, लेकिन अब स्कूल और कॉलेज के छात्रों में भी सफेद बालों की समस्या बढ़ रही है। इस स्थिति में लोग त्वरित समाधान की तलाश में हैं। बार-बार हेयर कलर करना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि हर किसी के पास इतना समय भी नहीं होता।
आयुर्वेद में बालों को शरीर की आंतरिक स्वास्थ्य का प्रतीक माना गया है। जब शरीर में वात और पित्त का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका सीधा असर बालों की जड़ों पर पड़ता है। इसके अलावा, विज्ञान भी मेलानिन नामक पिगमेंट की कमी को बालों के सफेद होने का कारण मानता है। मेलानिन वह तत्व है जो बालों को काला रंग देता है। तनाव, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, या पोषण की कमी मेलानिन के उत्पादन को कम कर देती है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपाय सहायक हो सकते हैं।
सौंफ इन्हीं प्राकृतिक उपायों में से एक है। आमतौर पर सौंफ को हम पाचन के लिए जानते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे त्रिदोष नाशक माना गया है। सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लेवोनॉयड्स और अन्य प्राकृतिक तत्व होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। विज्ञान के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट्स बालों की जड़ों को ऑक्सीडेटिव डैमेज से सुरक्षित रखते हैं। यही डैमेज बालों के समय से पहले सफेद होने का एक बड़ा कारण है।
सौंफ में मौजूद प्राकृतिक पिगमेंट बालों पर हल्की डार्क कोटिंग बनाते हैं। यह तरीका बालों को अंदर से काला नहीं करता, लेकिन सफेद बालों को अस्थायी रूप से छुपाने में सहायक होता है।
इस घरेलू नुस्खे की प्रक्रिया बहुत सरल है। सबसे पहले सौंफ को साफ पानी में कुछ समय के लिए भिगोकर उसकी अशुद्धियों को निकालना होता है। फिर, इसे हल्की आंच पर भूनकर पूरी तरह जलाना होता है। जब सौंफ जलकर काली राख में बदल जाती है, तो इसे ठंडा करके बारीक पीस लिया जाता है। यह पाउडर सफेद बालों पर लगाया जाता है। इसका प्रभाव एक दिन तक रहता है और अगली बार बाल धोने पर यह हट जाता है।
यदि सफेद बालों की समस्या लगातार बढ़ रही है, तो आयुर्वेद और विज्ञान दोनों यही सलाह देते हैं कि खानपान में सुधार करें, तनाव से दूर रहें, और शरीर को आंतरिक रूप से मजबूत बनाएं।