क्या आपकी आँखें कमजोर हो रही हैं? इन आयुर्वेदिक नेत्र व्यायामों से बढ़ाएं रोशनी
सारांश
Key Takeaways
- आँखों की देखभाल के लिए नियमित व्यायाम करें।
- पलक झपकाना और आँखों को घुमाना फायदेमंद है।
- त्राटक क्रिया से एकाग्रता बढ़ती है।
- हर 20 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लें।
- स्वस्थ आहार का सेवन करें।
नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। घंटों तक स्क्रीन देखने की आदत के कारण आँखों में जलन, भारीपन, धुंधलापन और धीरे-धीरे रोशनी का कमजोर होना आम समस्या बन गई है। कई लोग छोटी उम्र में ही चश्मे पर निर्भर हो रहे हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, जैसे शरीर के अन्य अंगों को व्यायाम की आवश्यकता होती है, वैसे ही आँखों को भी नियमित अभ्यास से स्वस्थ रखा जा सकता है। सही नेत्र व्यायाम आँखों की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और थकान को कम करने में सहायक होते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार आँखें तेजस तत्व से जुड़ी होती हैं। गलत दिनचर्या, देर रात तक जागना, अधिक स्क्रीन समय और तनाव से पित्त दोष बिगड़ता है, जिसका सीधा असर आँखों पर पड़ता है। नेत्र व्यायाम रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, जिससे आँखों तक ऑक्सीजन और पोषण सही तरीके से पहुँचता है। यही कारण है कि नियमित अभ्यास से आँखों की कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रह सकती है।
सबसे सरल और प्रभावी अभ्यास है पलक झपकाना। सीधे बैठकर 20 बार तेजी से पलकें झपकाएं, फिर आँखें बंद करके 10 सेकंड तक आराम करें। यह अभ्यास आँखों की सूखापन और थकान को कम करता है। दूसरा अभ्यास है ऊपर-नीचे देखना। बिना सिर हिलाए धीरे-धीरे ऊपर देखें और फिर नीचे देखें। इसे 10 से 15 बार करें। इससे आँखों की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
तीसरा अभ्यास दाएं-बाएं देखना है। सिर को स्थिर रखते हुए केवल आँखों से दाईं ओर देखें, फिर बाईं ओर। यह फोकस पावर बढ़ाने में मदद करता है। इसके बाद आँखों को गोल-गोल घुमाने का अभ्यास करें। पहले घड़ी की दिशा में और फिर उल्टी दिशा में 5-5 चक्कर लगाएं। यह आँखों की जकड़न को कम करता है।
त्राटक क्रिया भी आयुर्वेद में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है। किसी दीपक या मोमबत्ती की लौ को 30 से 60 सेकंड तक बिना पलक झपकाए देखें। इससे एकाग्रता बढ़ती है और आँखों की रोशनी को सहारा मिलता है। इसके साथ-साथ सुबह ठंडे पानी से आँखें धोना, गुलाब जल से सफाई करना और सप्ताह में दो बार त्रिफला जल से नेत्र प्रक्षालन करना भी लाभकारी माना जाता है।
जीवनशैली में छोटे बदलाव भी जरूरी हैं। हर 20 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लें, पर्याप्त नींद लें, हरी सब्जियाँ और फल खाएं, और रोज़ कुछ समय खुली हवा में बिताएं।