क्या नाखून स्वास्थ्य का आईना होते हैं? आहार में बदलाव से करें इन्हें चमकदार
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। नाखून केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं होते, बल्कि ये हमारे स्वास्थ्य का भी संकेत देते हैं। नाखूनों के माध्यम से यह जानना संभव है कि शरीर में कोई समस्याएँ तो नहीं हैं। इसलिए आयुर्वेद में इन्हें शरीर का आईना कहा गया है।
नाखून केराटिन और क्यूटिकल से मिलकर बने होते हैं, जो बाल और त्वचा के ऊतकों के निर्माण में सहायता करते हैं। यह प्रोटीन नाखून को सुरक्षित रखता है और चोट लगने पर घाव को जल्दी भरने में मदद करता है। क्यूटिकल नाखून को त्वचा से जोड़कर रखता है और बैक्टीरिया तथा फंगस को अंदर जाने से रोकता है। इसे नाखून और त्वचा का बॉडीगार्ड कहा जाता है।
नाखूनों की देखभाल आवश्यक है क्योंकि ये कई संकेत देते हैं। अगर नाखून पीले हैं, तो यह फंगल इंफेक्शन या लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। सफेद नाखून खून की कमी, विटामिन बी 12 और फोलिक एसिड की कमी का संकेत देते हैं। नाखूनों पर अचानक रेखाएं थायराइड की समस्या का संकेत देती हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
घर पर कुछ घरेलू नुस्खों से नाखूनों की देखभाल करना सरल है। नींबू और जैतून का तेल मिलाकर नाखूनों की मालिश करें। इससे पीलापन दूर होता है। इसके साथ ही नारियल या बादाम का तेल नाखूनों को मजबूत बनाने में सहायक है।
आहार में बदलाव करके भी नाखूनों की सेहत को सुधार सकते हैं। नाखूनों को हड्डियों से जोड़ा गया है। आयुर्वेद में कहा गया है कि जब हड्डियां कमजोर होती हैं, तो नाखून भी टूट जाते हैं। इसलिए उचित मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन करना आवश्यक है।